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छात्रों की हुई जीत, पीयू कल खोलेगी सात और विभाग
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों का लंबा प्रदर्शन काम आया। यही कारण है कि पीयू चरणवार तरीके से विभाग खोल रही है। तीसरे चरण में पीयू सात विभाग शुक्रवार से खोलने जा रही है।
इस बारे में कमेटी ने प्रस्ताव पास कर दिया है। इसे अंतिम मंजूरी के लिए डीयूआई प्रो. वीआर सिन्हा के पास भेजा गया है। वीरवार को इसके मंजूर होने की संभावनाएं हैं। यह बात विद्यार्थियों को पता लगी तो वे खुश नजर आ रहे हैं। हालांकि परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों को ही कैंपस में बुलाया गया है। अन्य विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन चलती रहेंगी।
ये विभाग खुलेंगे
एंथ्रोपोलॉजी विभाग
बायोकेमेस्ट्री विभाग
सेंटर फॉर मेडिकल फिजिक्स
सेंटर फॉर नेनो साइंस एंड नेनो टेक्नोलॉजी
सेंटर फॉर न्यूक्लियर मेडिसिन
सेंटर फॉर स्टेम सेल एंड टीशू इंजीनियरिंग
इस तरह हुई थी विभाग खुलने की शुरुआत
पीयू के सभी छात्र संगठनों ने मिलकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। वीसी कार्यालय के बाहर लंबा प्रदर्शन चला। ज्ञापन दिए गए। इस तरह पीयू प्रशासन पर चारों ओर से दबाव बनाया गया। पीयू ने छात्रों का आश्वासन दिया और विभाग खुलना शुरू हुए। पहले चरण में रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान विभाग, यूआईपीएस व डेंटल कॉलेज को खोला गया। उसके बाद भूगर्भ विज्ञान विभाग, जंतु विज्ञान विभाग समेत चार विभागों को खोला गया। अब कमेटी ने तीसरे चरण में सात विभागों को खोलने का निर्णय लिया है।
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कोविड रिपोर्ट दिखानी होगी, वैक्सीन सर्टिफिकेट भी चाहिए
विभागों के विद्यार्थी कैंपस आएंगे तो उन्हें कोविड की जांच रिपोर्ट साथ लानी होगी। साथ ही कोरोना वैक्सीन के दोनों प्रमाण पत्र या फिर एक प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। सूत्रों का कहना है कि अभिभावकों का अनुमति पत्र भी विद्यार्थियों को जमा करना होगा।
छात्रावासों का नियम पुराना ही रहेगा
कोविड के कारण एक कमरे में एक ही छात्र को रोका जाएगा। पीयू ने यह साफ करते हुए कहा कि कोरोना दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। इन सात विभागों में 500 से अधिक विद्यार्थी बताए जा रहे हैं जो कैंपस आएंगे। एक कमरे में एक छात्र वाले नियम के चलते 100 से 125 विद्यार्थियों को ही छात्रावास मिल सकेगा, क्योंकि छात्रावासों में सीमित सीटें हैं। हर विभाग के विद्यार्थियों को कुछ न कुछ सीटें पीयू देगी। विभागों की संस्तुति पर छात्रों को कमरे आवंटित होंगे।
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इस बारे में कमेटी ने प्रस्ताव पास कर दिया है। इसे अंतिम मंजूरी के लिए डीयूआई प्रो. वीआर सिन्हा के पास भेजा गया है। वीरवार को इसके मंजूर होने की संभावनाएं हैं। यह बात विद्यार्थियों को पता लगी तो वे खुश नजर आ रहे हैं। हालांकि परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों को ही कैंपस में बुलाया गया है। अन्य विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन चलती रहेंगी।
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ये विभाग खुलेंगे
एंथ्रोपोलॉजी विभाग
बायोकेमेस्ट्री विभाग
सेंटर फॉर मेडिकल फिजिक्स
सेंटर फॉर नेनो साइंस एंड नेनो टेक्नोलॉजी
सेंटर फॉर न्यूक्लियर मेडिसिन
सेंटर फॉर स्टेम सेल एंड टीशू इंजीनियरिंग
इस तरह हुई थी विभाग खुलने की शुरुआत
पीयू के सभी छात्र संगठनों ने मिलकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। वीसी कार्यालय के बाहर लंबा प्रदर्शन चला। ज्ञापन दिए गए। इस तरह पीयू प्रशासन पर चारों ओर से दबाव बनाया गया। पीयू ने छात्रों का आश्वासन दिया और विभाग खुलना शुरू हुए। पहले चरण में रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान विभाग, यूआईपीएस व डेंटल कॉलेज को खोला गया। उसके बाद भूगर्भ विज्ञान विभाग, जंतु विज्ञान विभाग समेत चार विभागों को खोला गया। अब कमेटी ने तीसरे चरण में सात विभागों को खोलने का निर्णय लिया है।
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कोविड रिपोर्ट दिखानी होगी, वैक्सीन सर्टिफिकेट भी चाहिए
विभागों के विद्यार्थी कैंपस आएंगे तो उन्हें कोविड की जांच रिपोर्ट साथ लानी होगी। साथ ही कोरोना वैक्सीन के दोनों प्रमाण पत्र या फिर एक प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। सूत्रों का कहना है कि अभिभावकों का अनुमति पत्र भी विद्यार्थियों को जमा करना होगा।
छात्रावासों का नियम पुराना ही रहेगा
कोविड के कारण एक कमरे में एक ही छात्र को रोका जाएगा। पीयू ने यह साफ करते हुए कहा कि कोरोना दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। इन सात विभागों में 500 से अधिक विद्यार्थी बताए जा रहे हैं जो कैंपस आएंगे। एक कमरे में एक छात्र वाले नियम के चलते 100 से 125 विद्यार्थियों को ही छात्रावास मिल सकेगा, क्योंकि छात्रावासों में सीमित सीटें हैं। हर विभाग के विद्यार्थियों को कुछ न कुछ सीटें पीयू देगी। विभागों की संस्तुति पर छात्रों को कमरे आवंटित होंगे।