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हरियाणा कैबिनेट में अहम फैसले, अब कॉलेजों में बनेंगे छात्रों के ड्राइविंग लाइसेंस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 15 Nov 2018 09:51 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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अब कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में ही छात्रों के लर्निंग लाइसेंस बन जाएंगे। उन्हें इसके लिए सरकारी कार्यालयों में भटकना नहीं पड़ेगा। हालांकि यह घोषणा अपनी पानीपत रैली में सीएम मनोहर लाल पहले ही कर चुके हैं। लेकिन गुरुवार को हरियाणा कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इतना ही नहीं इसके लिए कालेजों के प्राचार्यों, शिक्षण संस्थानों के निदेशकों व रजिस्ट्रार को विशेष शक्तियां भी सौंप दी गई है।
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जल्द ही ये व्यवस्था अब लागू हो जाएंगी
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। ताकि लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए योग्यता परीक्षण के लिए शक्तियां सौंपी जा सकें।
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संशोधन के अनुसार अब सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार, मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों, राजकीय कॉलेजों, सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों, राजकीय शिक्षा कॉलेजों, राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों, राजकीय आईटीआई, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, राजकीय फार्मेसी कॉलेजों, राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी कॉलेजों के प्राधानाचार्यों और विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशकों को ये शक्तियां सौंपी जाएंगी।
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आधुनिक उपकरणों से होगी गांवों, शहरों का सर्वेक्षण
हरियाणा में अब आधुनिक उपकरणों से गांवों और शहरों का सर्वेक्षण किया जाएगा। कैबिनेट ने इस मामले में हरियाणा भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। ये कार्यक्रम भारतीय सर्वेक्षण (एसओआई) द्वारा संयुक्त रूप से चलेगा। जिसकी अनुमानित लागत 150 करोड़ रुपये होगी। आधुनिक उपकरणों यूएवी व ड्रोन कैमरों के साथ यह परियोजना 15 माह में पूरी होगी।
इस भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के प्रमुख घटकों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संपत्तियों का रिकॉर्ड, सर्वेक्षण एवं सर्वेक्षण का अद्यतन (अपडेट), बड़े पैमाने की मैपिंग के लिए पेशेवर सर्वेक्षण के ग्रेड मानव रहित एरियल वाहन व ड्रोन जैसी उन्नत विधियों का इस्तेमाल करके कैडस्ट्रल राजस्व मानचित्र तैयार करना, जिसे रिकॉडर्स ऑफ राइट के साथ जोड़ा जाएगा। सभी ग्रामीण, शहरी और गांव के लाल डोरा क्षेत्र को कवर करते हुए समस्त राज्य के लिए फील्ड मापन करना शामिल है।