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क्रिक का लाभ नहीं उठा पा रहे विद्यार्थी, ऑनलाइन प्रणाली पर नहीं हुआ काम

Fri, 11 Dec 2020 01:50 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2020 01:50 AM IST
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Students unable to take advantage of CRIC, online system did not work
चंडीगढ़। पीयू ने सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए चंडीगढ़ रीजन इनोवेशन एंड नॉलेज क्लस्टर (क्रिक) की स्थापना की थी, लेकिन यह क्रिक कॉरिडोर वर्तमान में दौड़ नहीं लगा रहा। न तो इन संस्थानों के सभी पुस्तकालयों को ऑनलाइन जोड़ा गया और न मास्टर डिग्री या रिसर्च से जुड़े विद्यार्थियों के लिए लैब खोली गईं, जबकि इस प्रोग्राम का विद्यार्थी कोरोना काल से पहले सर्वाधिक लाभ उठाते थे। इसे देखते हुए इनका स्वरूप बदलना था ताकि विद्यार्थी घर बैठकर ही लाभ ले सकें।
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क्रिक कॉरिडोर की स्थापना पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर के समय में हुई थी। पीयू ने बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों को इस कॉरिडोर में शामिल किया। इन शिक्षण संस्थानों के 60 हजार से अधिक विद्यार्थी एक-दूसरे कॉलेजों में जाकर ज्ञान ले रहे थे। साथ ही संसाधनों का प्रयोग कर रहे थे। इस कॉरिडोर का उद्देश्य है कि जिन संस्थानों में कम संसाधन हैं, वहां के विद्यार्थी भी दूसरे कॉलेजों में जाकर संसाधनों का प्रयोग करें और नया ज्ञान ग्रहण करेंगे। क्रिक से और भी शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाना था, लेकिन जुड़े हुए संस्थानों के विद्यार्थियों को ही इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। छात्रों ने कहा है कि सभी सुविधाओं को ऑनलाइन किया जाना चाहिए था। अभी भी संचालक सुविधाएं शुरू कर सकते हैं। पीयू की सेफ लैब निदेशक का कहना है कि उन्हें क्रिक के बारे में जानकारी नहीं है।
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