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पीयू के छात्रावास खाली करवाने के फैसले के खिलाफ एकजुट हुए विद्यार्थी

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 12 May 2021 02:10 AM IST
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय छात्रावास में रह रहे विद्यार्थी और शोधकर्ताओं को जबरदस्ती छात्रावास छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है। पीयू प्रशासन के अधिकारी विद्यार्थियों के विभागाध्यक्षों और गाइड से विद्यार्थियों को फोन करवाकर छात्रावास छोड़ने के लिए कह रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मेडिकल और डेंटल के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की पीजीआई और जीएमसीएच-32 इत्यादि में लैब ट्रेनिंग चल रही है। ऐसे में ये विद्यार्थी शहर छोड़कर घर नहीं जा सकते, मजबूरन उन्हें एक ही दिन में पीजी और फ्लैट में शिफ्ट होना पड़ रहा है। इसी के विरोध में विद्यार्थियों ने एकजुट होकर मंगलवार को एडमिन ब्लॉक के बाहर रोष जताया।
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पंजाब विश्वविद्यालय के एडमिन ब्लॉक के बाहर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं ने मंगलवार को सामाजिक दूरी बनाकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रावास के वार्डन उन्हें तत्काल कमरे छोड़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं। अभी दूसरे राज्यों में कर्फ्यू और लॉकडाउन लगा हुआ है। कई दूर-दराज के विद्यार्थियों को घर पहुंचने में ही दो-तीन दिन लगते हैं, ऐसे में उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। वहीं शोधार्थियों और शोधकर्ताओं का एक साल से शोध कार्य लंबित पड़ा है, विश्वविद्यालय उसका समय बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रावास वार्डन ने आकर विद्यार्थियों के साथ चर्चा की और बुधवार को बैठक कर मुद्दे को हल करने का आश्वासन दिया। इसके साथ विद्यार्थियों ने जीएच-4 की बंद मेस को भी बुधवार को वापस से खोलने का आश्वासन दिया है।

यूनिवर्सिटी के दिशानिर्देश मानने को तैयार विद्यार्थी
प्रदर्शनरत विद्यार्थियों ने बताया कि हम विश्वविद्यालय की ओर से जारी सभी दिशानिर्देशों को मानने के लिए तैयार है। पीयू का विद्यार्थियों को ऐसे निकालना निंदनीय है। प्रशासन पिछले वर्ष की तरह कुछ पाबंदियां लगा लें, विद्यार्थी उसे मानने को तैयार है। ऐसे कठिन समय में पीयू प्रशासन को विद्यार्थियों के खिलाफ खड़े होने के बजाय उनके साथ काम करना चाहिए। अगर यूटी प्रशासन को जरूरत पड़े तो विद्यार्थी वालंटियर के तौर पर कठिन समय में सहायता कर सकते हैं।
डेंटल और मेडिकल विद्यार्थियों की बढ़ी मुश्किलें
पंजाब विश्वविद्यालय के मेडिकल और डेंटल विभाग के विद्यार्थियों की पीजीआई और जीएमसीएच-32 में लैब ट्रेनिंग चल रही है। डेंटल की अंतिम वर्ष की छात्रा ने बताया कि उनकी वार्डन सोमवार से उनके विभाग की ओर से उन्हें फोन करवाकर छात्रावास छोड़ने के लिए मजबूर कर रही थी। मजबूरन उन्हें मंगलवार को शहर के एक पीजी में शिफ्ट करना पड़ा। उनकी जीएमसीएच-32 में डेंटल ट्रेनिंग चल रही है। उनके साथ कि छात्रावास में रह रही कई लड़कियों को मजबूरन एक बार के लिए घर जाना पड़ा है।
एबीवीपी ने वीसी के सचिव को सौंपा ज्ञापन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पीयू कुलपति के सचिव को मंगलवार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पत्र में मांग की कि शोधकर्ताओं को विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से छात्रावास से निकालने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। इस कारण शोधकर्ताओं को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थी और शोधकर्ता छात्रावास को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि विश्वविद्यालय से जाना उनके स्वास्थ्य को अधिक जोखिम में डाल सकता है। परिसर में रहकर वे अपने शोध कार्य पर भी ध्यान दे सकते हैं, इसलिए शोधार्थियों और विद्यार्थियों का बिना शोषण किए उन्हें विश्वविद्यालय में रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। एबीवीपी विश्वविद्यालय प्रशासन को आश्वासत करती है कि विद्यार्थी छात्रावास में रहते हुए कोरोना संबंधित निर्देशों का पालन करेंगे। इसके साथ ही छात्रावास में रह रहे छात्र विद्यार्थियों के लिए जल्द से जल्द टीकाकरण की व्यवस्था की जाए, जिससे इस महामारी से उनका बचाव किया जा सके।

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