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मेस और कैंटीन के बढ़े मूल्यों के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से मेस और कैंटीन के बढ़े मूल्यों को लेकर छात्र संगठन एसएफएस और सथ की ओर से परिसर में प्रदर्शन किया गया। छात्र संगठन सथ के कार्यकर्ता लगातार सातवें दिन भी वीसी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे रहे। एसएफएस के सदस्यों ने विद्यार्थियों के साथ आर्ट्स ब्लॉक -1 से लेकर वीसी दफ्तर के बाहर तक रोष मार्च निकाला।
एसएफएस के कार्यकर्ताओं ने मेस मूल्यों के साथ आर्ट्स ब्लॉक की कैंटीनों को खोलने का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही छात्रों को पारदर्शी तरीके से छात्रावास मुहैया करवाने की मांग उठाई गई और ऑनलाइन सिस्टम शुरू करने की अपील की। इस दौरान एसएफएस के सदस्य संदीप ने बताया कि अधिकारियों ने बैठक बुलाई थी, इसमें कांट्रैक्टर को भी बुलाया गया था। हमारा प्रदर्शन मेस के बढ़े पूरे मूल्यों को वापस करवाने को लेकर है। इसके लिए संगठनों ने बैठक का बॉयकाट किया। क्योंकि हम कांट्रैक्टर के साथ बैठकर मोल-भाव नहीं करना चाहते।
कानून विभाग में पीएचडी में आरक्षण नहीं देने को लेकर शिकायत
छात्र संगठनों स्टूडेंट काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिफॉर्म्स और अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन ने वीसी को कानून विभाग में पीएचडी के दाखिले में हुई गड़बड़ी को लेकर पत्र लिखा है। छात्र संगठनों ने कहा है कि दाखिला सूची को रद्द किया जाना चाहिए। पीयू कानून विभाग ने बुधवार को आरक्षण नियमों की अवहेलना करते हुए पीएचडी में 24 उम्मीदवारों के दाखिले की सूची जारी की है। छात्रों ने मांग कि है कि एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण नियमों के अनुसार दाखिला सूची को फिर से जारी किया जाना चाहिए।
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एसएफएस के कार्यकर्ताओं ने मेस मूल्यों के साथ आर्ट्स ब्लॉक की कैंटीनों को खोलने का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही छात्रों को पारदर्शी तरीके से छात्रावास मुहैया करवाने की मांग उठाई गई और ऑनलाइन सिस्टम शुरू करने की अपील की। इस दौरान एसएफएस के सदस्य संदीप ने बताया कि अधिकारियों ने बैठक बुलाई थी, इसमें कांट्रैक्टर को भी बुलाया गया था। हमारा प्रदर्शन मेस के बढ़े पूरे मूल्यों को वापस करवाने को लेकर है। इसके लिए संगठनों ने बैठक का बॉयकाट किया। क्योंकि हम कांट्रैक्टर के साथ बैठकर मोल-भाव नहीं करना चाहते।
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कानून विभाग में पीएचडी में आरक्षण नहीं देने को लेकर शिकायत
छात्र संगठनों स्टूडेंट काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिफॉर्म्स और अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन ने वीसी को कानून विभाग में पीएचडी के दाखिले में हुई गड़बड़ी को लेकर पत्र लिखा है। छात्र संगठनों ने कहा है कि दाखिला सूची को रद्द किया जाना चाहिए। पीयू कानून विभाग ने बुधवार को आरक्षण नियमों की अवहेलना करते हुए पीएचडी में 24 उम्मीदवारों के दाखिले की सूची जारी की है। छात्रों ने मांग कि है कि एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण नियमों के अनुसार दाखिला सूची को फिर से जारी किया जाना चाहिए।
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