'ऑनलाइन क्लासेज की आड़ में घंटों गेम्स और मूवी में व्यस्त हैं छात्र, मंडरा रहा कोरोना से बड़ा खतरा'
- कोरोना के इस दौर में छात्रों के मानसिक व शारीरिक स्थिति में भारी बदलाव
- मनोचिकित्सक डॉ. हरजोत सिंह मक्कड़ बोले- यह स्थिति कोरोना से भी घातक
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ऑनलाइन कक्षाएं विद्यार्थियों को क्लासरूम जैसा माहौल देने में नाकाम हैं, वहीं छात्रों को इंटरनेट व स्क्रीन एडिक्शन का शिकार भी बना रही हैं। चार से छह घंटे की ऑनलाइन क्लास अटेंड करने के अलावा छात्र दिन में कई घंटे मोबाइल पर चिपके हैं। इंटरनेट व कोरोना के इस दौर में छात्रों के मानसिक व शारीरिक स्थिति में भारी बदलाव देखा जा रहा है। ऐसी स्थिति बच्चों के लिए कोरोना से भी घातक है। यह जानकारी मनोचिकित्सक डॉ. हरजोत सिंह मक्कड़ ने पत्रकारों से बातचीत में दी।
उन्होंने कहा कि उनके अस्पताल में इन दिनों रोजाना 2 से 3 बच्चे आ रहे हैं, जो इंटरनेट की वजह से साइकोसिस व एंग्जाइटी की गिरफ्त में आ चुके हैं। असल में जो बातें हम किताबें या समाचार पत्र पढ़कर सीख सकते हैं, अपनी विचारधारा व ज्ञान में वृद्धि करते हैं, वह इंटरनेट के जरिये संभव ही नहीं। छात्र इंटरनेट पर ज्ञान की बातें देख तो लेता है, पर इसे अपने मस्तिष्क में बिठा नहीं पाता। स्क्रीन एडिक्शन से अभिप्राय यह है कि बच्चे मोबाइल पर क्लास अटेंड करते हैं।
इसके बाद मूवी व कार्टून देखने लगते हैं। फिर गेम्स आदि खेलने लगते हैं। पूरा दिन स्क्रीन पर आंखें टिकाए रहते हैं, जिससे उनकी गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। आंखों में जलन होती है, वहीं गुस्सा व तनाव भी हावी होता है। डॉ. मक्कड़ के अनुसार यदि किसी बच्चे से मोबाइल मांग ले तो वह ऐसे व्यवहार करता है, मानों उससे कोई कीमती वस्तु मांग ली हो।
कोरोना संकट में मोबाइल एडिक्शन की वजह से बच्चों का वजन बढ़ा है। सिर व आंखों में दर्द, मोटापे के साथ-साथ हार्ट संबंधी रोग भी उन्हें घेर रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। छात्र हर काम बिस्तर पर बैठकर या लेटकर करते हैं। यह स्थिति तो कोरोना वायरस से ज्यादा घातक है। बचपन में हम पाठ्यपुस्तकों में कॉमिक्स रखकर पढ़ते थे। इससे सिर्फ पढ़ाई का नुकसान होता था, शारीरिक व मानसिक रूप से हम फिट ही रहते थे। अब बच्चे पढ़ाई की आड़ में मोबाइल पर गेम्स खेल रहे हैं। उनकी प्रैक्टिकल नॉलेज खत्म हो गई है। ऑनलाइन शिक्षा आज की जरूरत है पर अभिभावकों को अपनी व्यस्तता को त्याग कर बच्चों के साथ अधिक वक्त बिताना चाहिए।