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विस चुनाव के लिए पार्टियों के घोषणा पत्रों से युवा काफी नाराज, जानिए क्या बोले?

Wed, 01 Feb 2017 06:34 PM IST
लखवीर सिंह लक्कीअमर उजाला, मंडी गोबिंदगढ़/फतेहगढ़ साहिब
लखवीर सिंह लक्कीअमर उजाला, मंडी गोबिंदगढ़/फतेहगढ़ साहिब Updated Wed, 01 Feb 2017 06:34 PM IST
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students and youngers are not happy with political parties menifesto for assembly election 2017
चुनाव घोषणा पत्रों पर युवाओं की राय
विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियों द्वारा जारी किए गए घोषणा पत्रों से युवा और स्टूडेंट्स काफी नाराज हैं। उन्होंने पाटियों के दावों को सिरे से खारिज किया है। रिमट यूनिवर्सिटी मंडी गोबिंदगढ़ और फतेहगढ़ साहिब के माता गुजरी कॉलेज में छात्राओं का रुझान दावे और वादे करने वाली राजनीतिक पार्टियों से उलट है। विद्यार्थियों का कहना है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी युवाओं के बारे में नहीं सोचती।
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युवाओं ने विभिन्न पार्टियों के चुनावी घोषणा पत्र को सिरे से नकारते कहा कि हमें आटा-दाल,चावल, चीनी और चायपत्ती के वायदे नहीं चाहिए। हम पढ़ लिख गए हैं, हमें सिर्फ रोजगार चाहिए। घर की जरूरत का सामान हम खुद खरीद लेंगे। रिमट होटल मैनेजमेंट की छात्रा कोमल शर्मा और ट्विंकल पहली बार वोट देंगी। दोनों का कहना है कि वोट किस को दें, अभी तक कोई पार्टी या लीडर अच्छा नहीं लग रहा है।
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सभी वोटरों को लुभा रहे हैं, लेकिन ठोस नीति पर कोई भी सरकार काम नहीं करतीं। एमजीसी जर्नलिज्म की छात्रा नवदीप कौर, सुपिंदर कौर, पूजा और परविंदर कौर ने कहा कि किसी भी सरकार के पास नौजवानों के लिए ठोस पॉलिसी नहीं है। ऐसे में नौजवान गलत रास्तों पर जा रहे हैं। रोजगार मिलेगा तभी घर का गुजारा अच्छे से चलेगा। आरक्षण खत्म होना चाहिए। सभी को बराबर का हक देना चाहिए। जनरल भी नौकरी के लिए ज्यादा फीस भरते हैं, लेकिन नौकरी एससी को मिलती है जनरल के पास क्या ज्यादा पैसे हैं नौकरी अप्लाई करने के लिए।
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वहीं संजय कुमार, आशिव मोहम्मद और अर्शदीप मेहरा ने कहा कि हमें आटा दाल और चीनी चाय पत्ती नहीं चाहिए। हमारी पढ़ाई पूरी होने वाली है। इसके बाद रोजगार कहां से मिलेगा? माता-पिता पढ़ा सकते हैं, लेकिन बच्चों की किस्मत तो नहीं बना सकते। सरकारों की जिम्मेदारी होती है नौजवानों का भविष्य संवारना। हम वोट उसी उम्मीदवार को देंगे जो बेरोजगारी खत्म करेंगे।


रोजगार है तो सब कुछ है। पिछले दस सालों में उनके परिवार ने सभी पार्टियों को वोट देकर देख लिए लेकिन किसी ने भी सिवाए झूठे आश्वासन के कुछ नहीं दिया हमें रोजगार चाहिए। नौजवानों का भविष्य धुंधला है सभी विदेश की ओर जा रहे हैं जिसके पास विदेश जाने के लिए पैसा नहीं है, वे इसी धीमे सिस्टम में पिस रहे हैं।

 
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