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Chandigarh News: छात्रसंघ चुनाव खत्म, सरकारी संपत्तियां प्रचार सामग्री से नहीं हुईं मुक्त

Sat, 09 Sep 2023 02:10 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 09 Sep 2023 02:10 AM IST
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Student union elections over, government properties not freed from campaign material
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव खत्म हुए दो दिन हो चुके हैं मगर अभी भी शहर के प्रमुख स्थानों पर सरकारी संपत्तियां चुनावी प्रचार से मुक्त नहीं हुई हैं। कई छात्र दलों ने शहर में अपने प्रचार के दौरान सरकारी बोर्ड, दीवारों और लाइट प्वाइंट पर बोर्ड तक को खराब करते हुए इन पर पोस्टर चिपकाए और स्प्रे से दीवारें भी खराब कीं। इसके बावजूद चंडीगढ़ पुलिस ने इनके खिलाफ फिलहाल कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं की है। वहीं, अभी तक सरकारी संपत्तियों को साफ भी नहीं किया गया है। सेक्टर- 46 के सरकारी काॅलेज के पास प्रशासन के शहर के नक्शे वाले बोर्ड पर छात्र दलों के उम्मीदवार के स्टिकर चिपके हुए हैं। इसी तरह सेक्टर- 32 एसडी कॉलेज के पास भी नक्शे वाले बोर्ड पर उम्मीदवार के स्टिकर चिपके हुए हैं। इसके अलावा सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज पास डॉक्टर्स फ्लैट की दीवार पर स्प्रे पेंट से पार्टियों के कोर्ड लिखे हुए हैं। सेक्टर-26 स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा कॉलेज के सामने ट्रैफिक लाइट के बॉक्स पर स्प्रे पेंट से पार्टी का कोर्ड लिखा हुआ है। इनके अलावा भी कुछ अन्य जगहों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।
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बता दें कि छात्रसंघ चुनावों से पहले चंडीगढ़ पुलिस के बड़े अफसरों ने पीयू समेत कॉलेजों में बैठक के दौरान छात्र नेताओं को चेताया था कि चुनावी प्रचार के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाए अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से डिफेसमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
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सख्त कार्रवाई के लिए प्रशासन ने 2016 में अपनाया है दिल्ली प्रिवेंशन एक्ट
हर बार छात्रसंघ चुनावों के दौरान सरकारी संपत्ति को खराब किया जाता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2016 में द दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 2007 को अपनाया था। इससे पहले शहर में वेस्ट बंगाल प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1976 के तहत कार्रवाई होती थी। इसमें एक हजार रुपये तक जुर्माने और अधिकतम छह महीने तक की सजा का प्रावधान था। वहीं, दिल्ली के एक्ट में अधिकतम 50 हजार रुपये जुर्माने और अधिकतम एक वर्ष तक कैद का प्रावधान है। इस एक्ट के तहत कोई भी जो प्रॉपर्टी को स्याही से लिख कर या पेंट कर, चॉक, पेंट या किसी भी अन्य सामग्री से खराब करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई संभव है।
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