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चुनावी माहौल में रंग गई पंजाब यूनिवर्सिटी, टीचर्स से लेकर स्टूडेंट तक चुनाव में फूंक रहे जान
Mon, 05 Aug 2019 01:15 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 05 Aug 2019 01:15 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी का माहौल इस समय पूरी तरह से चुनावी हो गया है। शिक्षक से लेकर कर्मचारी व छात्र अपने अपने चुनावों में जान फूंक रहे हैं। रातोंरात बैठकों का दौर जारी है। दिनभर प्रचार हो रहा है। वोटरों को तोड़ने के लिए हर तरीके या जुगाड़ लगाया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर पीयू प्रशासन भी इन चुनावों को संपन्न कराने में जुटा हुआ है। सबसे अधिक दिक्कत छात्र संघ चुनाव के लिए आती है। पिछले साल शांतिपूर्ण चुनाव हो गया, लेकिन इस बार पीयू प्रशासन को पसीने बहाने पड़ सकते हैं। कुछ छात्र संगठन कुछ दिन पहले चुनाव प्रचार के दौरान आपस में भिड़ गए थे। हालांकि माहौल गर्माने से पहले शांत कर दिया गया था।
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वहीं दूसरी ओर पीयू प्रशासन भी इन चुनावों को संपन्न कराने में जुटा हुआ है। सबसे अधिक दिक्कत छात्र संघ चुनाव के लिए आती है। पिछले साल शांतिपूर्ण चुनाव हो गया, लेकिन इस बार पीयू प्रशासन को पसीने बहाने पड़ सकते हैं। कुछ छात्र संगठन कुछ दिन पहले चुनाव प्रचार के दौरान आपस में भिड़ गए थे। हालांकि माहौल गर्माने से पहले शांत कर दिया गया था।
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पूसा का चुनाव सात को, दो गुट मैदान में
पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग इंप्लाइज एसोसिएशन (पूसा) का चुनाव 7 अगस्त को होने जा रहा है। इस चुनाव में 1000 कर्मचारी वोट डालते हैं। इस बार वर्तमान अध्यक्ष दीपक कौशिक व दूसरे पक्ष संदीप भूटानी का पैनल चुनाव लड़ रहा है। दोनों ही पक्षों ने अपने चेहरों को जिताने के लिए पूरी जान लगा दी है।
वहीं दूसरी ओर से जनरल सेक्रेटरी के लिए जेई संदीप ग्रोवर, विपुल बत्रा और पब्लिसिटी सचिव डॉ. आकाश खोसला निर्दलीय खड़े हैं। माना जा रहा है कि दीपक कौशिक पक्ष इस बार भी मजबूती से मैदान में है, लेकिन संदीप भूटानी पक्ष भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। दीपक शर्मा निर्विरोध वाइस प्रेसीडेंट चुन लिए गए हैं। इनके अलावा असिस्टेंट कॉन्सिटिटेंसी के सात सदस्य भी निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
पुटा चुनाव में तीन गुट, झोकी ताकत
पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) का चुनाव इस माह के तीसरे सप्ताह में है। उसके लिए वोटर्स की लिस्ट बन रही है। लगभग 625 शिक्षक इस चुनाव में वोट डालेंगे। इस चुनाव में वर्तमान अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल, पूर्व एसवीसी प्रो. देविंदर सिंह व पूर्व पुटा सचिव प्रो. एमसी सिद्धू गुट मैदान में आ रहे हैं।
सभी लोग अपने अपने पैनल के साथ आने की तैयारी कर रहे हैं। पहले कोशिश की जा रही है कि चुनावी मठाधीशों को मनाकर निर्विरोध चुनाव कराया जाए, लेकिन इसकी संभावनाएं नहीं दिख रही हैं। माना जा रहा है कि चुनाव आते आते दो पक्ष मैदान में होंगे, लेकिन तीसरे पक्ष को भी किसी न किसी कारण संतुष्ट करना होगा। यहां भी दिन-रात बैठकों का दौर चल रहा है।
पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग इंप्लाइज एसोसिएशन (पूसा) का चुनाव 7 अगस्त को होने जा रहा है। इस चुनाव में 1000 कर्मचारी वोट डालते हैं। इस बार वर्तमान अध्यक्ष दीपक कौशिक व दूसरे पक्ष संदीप भूटानी का पैनल चुनाव लड़ रहा है। दोनों ही पक्षों ने अपने चेहरों को जिताने के लिए पूरी जान लगा दी है।
वहीं दूसरी ओर से जनरल सेक्रेटरी के लिए जेई संदीप ग्रोवर, विपुल बत्रा और पब्लिसिटी सचिव डॉ. आकाश खोसला निर्दलीय खड़े हैं। माना जा रहा है कि दीपक कौशिक पक्ष इस बार भी मजबूती से मैदान में है, लेकिन संदीप भूटानी पक्ष भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। दीपक शर्मा निर्विरोध वाइस प्रेसीडेंट चुन लिए गए हैं। इनके अलावा असिस्टेंट कॉन्सिटिटेंसी के सात सदस्य भी निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
पुटा चुनाव में तीन गुट, झोकी ताकत
पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) का चुनाव इस माह के तीसरे सप्ताह में है। उसके लिए वोटर्स की लिस्ट बन रही है। लगभग 625 शिक्षक इस चुनाव में वोट डालेंगे। इस चुनाव में वर्तमान अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल, पूर्व एसवीसी प्रो. देविंदर सिंह व पूर्व पुटा सचिव प्रो. एमसी सिद्धू गुट मैदान में आ रहे हैं।
सभी लोग अपने अपने पैनल के साथ आने की तैयारी कर रहे हैं। पहले कोशिश की जा रही है कि चुनावी मठाधीशों को मनाकर निर्विरोध चुनाव कराया जाए, लेकिन इसकी संभावनाएं नहीं दिख रही हैं। माना जा रहा है कि चुनाव आते आते दो पक्ष मैदान में होंगे, लेकिन तीसरे पक्ष को भी किसी न किसी कारण संतुष्ट करना होगा। यहां भी दिन-रात बैठकों का दौर चल रहा है।
इस बार आसान नहीं छात्र संघ चुनाव
इस बार छात्र संघ चुनाव में कई संगठन कूद रहे हैं। इसमें एसएफएस, एबीवीपी, एनएसयूआई, आइसा, पूसू, इनसो, सोई, पीएसयू ललकार आदि शामिल हैं। कुछ गठबंधन कर अपने पैनल को जीत का सेहरा बांधना चाहते हैं तो कुछ संगठन अपने बलबूते चुनावी मैदान में आएंगे। अभी जोड़ तोड़ चल रही है।
वर्तमान में एसएफएस से काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया हैं। अब यह संगठन किसी दूसरे मेंबर को इस पद के लिए उतारने की तैयारी कर रहा है। वहीं दूसरे संगठन भी अपने पैनल बना रहे हैं। इस समय नए स्टूडेंट्स को संगठन अपने पाले में करने में लगे हैं। कुछ छात्रों की मदद करके उनसे सहानुभूति ली जा रही है तो कुछ क्षेत्रवाद के जरिये वोट लेने की तैयारी है।
स्टूडेंट सेंटर दिनभर गुलजार रहता है। साथ ही संगठन के पदाधिकारी अपने संगठनों केप्रचार के लिए स्टीकर आदि लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि छात्र संघ चुनाव अगले माह होंगे। इस बार भी वोटरों की संख्या हजारों में है।
वर्तमान में एसएफएस से काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया हैं। अब यह संगठन किसी दूसरे मेंबर को इस पद के लिए उतारने की तैयारी कर रहा है। वहीं दूसरे संगठन भी अपने पैनल बना रहे हैं। इस समय नए स्टूडेंट्स को संगठन अपने पाले में करने में लगे हैं। कुछ छात्रों की मदद करके उनसे सहानुभूति ली जा रही है तो कुछ क्षेत्रवाद के जरिये वोट लेने की तैयारी है।
स्टूडेंट सेंटर दिनभर गुलजार रहता है। साथ ही संगठन के पदाधिकारी अपने संगठनों केप्रचार के लिए स्टीकर आदि लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि छात्र संघ चुनाव अगले माह होंगे। इस बार भी वोटरों की संख्या हजारों में है।