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हरियाणा के ज्यादातर शहरों में फिर बढ़ा प्रदूषण, हवा की गुणवत्ता बेहद खराब

Wed, 20 Nov 2019 12:48 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/हिसार/नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/हिसार/नई दिल्ली Published by: ajay kumar Updated Wed, 20 Nov 2019 12:48 AM IST
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Stubble burning cases reduced in Hisar of Haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर

हवा की गति धीमी होते ही प्रदेश के ज्यादातर शहरों में मंगलवार को प्रदूषण स्तर फिर बढ़ गया। पानीपत और यमुनानगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर में भी वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि रोहतक, हिसार, गुरुग्राम, जींद समेत अन्य शहरों में औसत एक्यूआई में कमी दर्ज की गई और हवा की गुणवत्ता संतोषजनक रही।

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 इधर, अधिकारियों ने प्रदेश में पराली जलाने के मामलों में कमी का दावा किया है। फिर भी बुधवार को हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर स्तर तक पहुंच सकती है।  
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बता दें कि दीवाली के बाद से ही बार-बार बनी स्मॉग की स्थिति के पीछे पराली जलाने को ही प्रमुख कारण माना जा रहा है। तेज हवा चलने से दो-तीन दिन प्रदेश के लोगों को राहत मिली थी, लेकिन हवा की रफ्तार कम होते ही प्रदूषण स्तर फिर बढ़ गया।
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हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राकेश भौसले का दावा है कि हिसार जिले में पराली जलाने के मामले में हर साल कमी आ रही है। उनका कहना है कि पराली जलाने में पंजाब हमसे कहीं ज्यादा आगे हैं। जब कभी उस तरफ की हवाएं चलती हैं तो वहां का धुआं यहां जाता है, इस कारण से यहां ऐसी स्थिति बनती है। 

इधर, मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं मंगलवार को कमजोर पड़ गईं। इसकी रफ्तार दस किमी से नीचे आ गई। वहीं, हवा की दिशा भी पंजाब व हरियाणा की तरफ से है। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा भी बढ़ गया है।

सोमवार के 9 फीसदी की तुलना में मंगलवार को इसका आंकड़ा 13 फीसदी पहुंच गया। दोनों के मिले-जुले असर पर दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में 28 अंकों की बढ़ोतरी हुई। वहीं, गाजियाबाद का सूचकांक 74 अंक बढ़कर देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया।

23 नवंबर से हवा की गुणवत्ता में सुधार के आसार 
सफर का पूर्वानुमान है कि मंगलवार देर रात से प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ेगा। इससे हवा की गुणवत्ता बहुत खराब स्तर में होगी। इसमें पराली के धुएं का हिस्सा भी बढ़ेगा।

इसी दौरान हवा की गति दस किमी से कम होने के साथ मिक्सिंग हाइट के भी एक किमी तक पहुंच जाने का अनुमान है। बुधवार दिन में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से शाम को गंभीर स्तर में प्रवेश कर जाएगी। 22 नवंबर को भी वायु प्रदूषण कमोवेश स्थिर रहेगा। 23 नवंबर से एक बार फिर हवा की गुणवत्ता में सुधार आने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक

शहर   18 नवंबर  19 नवंबर
गाजियाबाद 256 330
दिल्ली 214 242
नोएडा 227 256
ग्रेटर नोएडा 212 218

       
        

इन शहरों में बढ़ा एक्यूआई 

हरियाणा के प्रमुख शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (रात नौ बजे तक)
 

शहर एक्यूआई(18 नवंबर) (19 नवंबर)
यमुनानगर 250 313
पानीपत 208 317
अंबाला 208 256 
कुरुक्षेत्र 137  248
करनाल 131 246
बल्लभगढ़ 165  224
सिरसा 117 217
फतेहाबाद 158 211
धारूहेड़ा 122 183
मानेसर 97 160
फरीदाबाद 158 211
बहादुरगढ़ 118 148
कैथल  88 153
भिवानी 107 115 

      इन शहरों में घटा प्रदूषण 
जींद  264 245
रोहतक 202   152
गुरुग्राम 162  134
हिसार 175 158
नारनौल  93 80
        (स्रोत : सीपीसीबी)

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