फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Stubble burning Cases increase in Punjab

पंजाब में 2820 जगह जली पराली, सैटेलाइट तस्वीर आई सामने, हवा की सेहत पर असर

Mon, 04 Nov 2019 12:45 PM IST
ajay kumar आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 04 Nov 2019 12:45 PM IST
विज्ञापन
Stubble burning Cases increase in Punjab
पीजीआई की ओर से जारी की गई इमेज। - फोटो : अमर उजाला

वायु प्रदूषण के सुधरने की उम्मीद रविवार को धुंधली पड़ गई। रविवार को खासकर पंजाब में दिवाली के बाद अब तक की सबसे ज्यादा पराली जलाने के सबूत मिले हैं। पीजीआई के कम्युनिटी मेडिसिन एंड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एनवायर्नमेंट हेल्थ के विशेषज्ञ डा. रविंद्रा खैवाल ने सैटेलाइट इमेज के जरिए पाया कि रविवार दोपहर 12 बजे पंजाब में 2820 जगह आग लगाई गई। 

विज्ञापन


इससे पहले पराली जलाने के स्पॉट कम होने लगे थे। शनिवार को सिर्फ 200 स्पॉट दर्ज किए गए थे। पराली जलाए जाने से पंजाब सहित पूरे उत्तर भारत में वायु प्रदूषण के और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
विज्ञापन


डा. खैवाल का कहना है कि इस समय हवा की दिशा पंजाब से दिल्ली की ओर है। ऐसे में दिल्ली में हवा और ज्यादा जहरीली होने की आशंका है। पराली जलाने से पंजाब के इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़ने लगा था। अमृतसर में शाम सात बजे एक्यूआई 320, बठिंडा का एक्यूआई 300, जालंधर का 320, खन्ना का 348 और लुधियाना का 345 रिकॉर्ड किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन सभी जगहों का एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। उन्होंने चेताया है कि यदि अगले दो से तीन दिन में बारिश नहीं हुई तो पूरा उत्तर भारत गैस चेंबर में तब्दील हो जाएगा। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक छह व सात नवंबर के आसपास बारिश होने की संभावना है। यदि बारिश होती है तो प्रदूषण छंटने के आसार हैं।

रविवार को ज्यादा पराली जलाए जाने के पीछे दो कारण बताए जा रहे हैं। पहला दिल्ली सहित अन्य इलाकों में प्रदूषण बढ़ने से राज्य सरकारों पर दबाव बढ़ रहा है। इससे पराली जलाए जाने वाले किसानों पर शिकंजा कसने लगा है। रविवार होने के कारण सरकारी कर्मी छुट्टी पर थे।

इससे किसानों को मौका मिला और उन्होंने पराली को आग के हवाले कर दिया। दूसरा मौसम विभाग की ओर से किसानों को बताया गया है कि छह व सात नवंबर को बारिश हो सकती है। ऐसे में किसानों ने सोचा कि बारिश हुई तो पराली भीग जाएगी। 

 कब कितनी जगहों पर जलती मिली पराली
 

तारीख स्पॉट
28 अक्तूबर 1264
29 अक्तूबर 1457
30 अक्तूबर 566
31 अक्तूबर 783
एक नवंबर 540
दो नवंबर 200
तीन नवंबर 2820
(स्रोत : पीजीआई का कम्युनिटी मेडिसिन व स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ )

पंजाब में पराली जलाए जाने में कमी आ रही थी मगर रविवार को अचानक इसमें जबरदस्त उछाल देखा गया। करीब 2849 फायर स्पॉट रिकॉर्ड किए गए, जो 99 फीसदी पंजाब के थे। इससे दिल्ली सहित हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में फिर से प्रदूषण बढ़ने के पूरे आसार हैं। -डा. रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर एनवायर्नमेंट हेल्थ कम्युनिटी मेडिसिन व स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed