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Chandigarh News: संघर्षरत सेना के जवान को मिला इंसाफ, 80 साल के फौजी को मिलेगी पेंशन
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मोहाली। रिटायरमेंट के 55 साल बाद 80 साल के फौजी को इंसाफ मिला है। 5 सिख रेजीमेंट में सेवा कर चुके सिपाही गुरपाल सिंह को छह साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत से आज इंसाफ मिला है। खरड़ के गांव अंडसेरी निवासी 80 वर्षीय सिपाही गुरपाल सिंह पिछले कई सालों से अपनी पेंशन के लिए संघर्ष कर रहे थे। मोहाली के एक्स सर्विसमैन ग्रीवांस सेल के प्रधान सेवामुक्त लेफ्टिनेंट कर्नल एसएस सोही के सहयोग से 6 साल से हक के लिए लड़ रहे थे। आज सुनवाई के दौरान अदालत ने उनके हक में फैसला दे दिया है। अब उनकाे रिटायरमेंट पेंशन, ईलाज और अन्य आर्मी सहुलियत हासिल होगी। सेवामुक्त लेफ्टिनेंट कर्नल एसएस सोही ने बताया कि सिपाही गुरपाल सिंह 28 अक्टूबर 1961 को फौजी में भर्ती हुआ था। उसने 27 अक्टूबर 1970 तक 9 साल की नियमित सेवा की थी। उनकी भर्ती 7/8 वर्षों की शर्त पर हुई थी। इसके अनुसार 7 साल रेगुलर और 8 साल रिजर्व सेवा की गारंटी थी। पर जगह न होने का बहाना कर गुरपाल सिंह को फौज ने उनकी सर्विस जारी नहीं रखी और उनको पेंशन देने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि 2018 में गुरपाल सिंह ने एक्स सर्विसमैन ग्रीवांस सेल से संपर्क किया और अपनी कहानी बताई। उन्होंने पेंशन दिलाने के लिए मदद की गुहार लगाई। लेफ्टिनेंट कर्नल सोही ने तुरंत मामला चंडीगढ़ आर्म्ड फोर्सिस ट्रब्यूनल में दर्ज करवाया। वहां फौज ने दलील दी कि पुराने रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि संस्था के वकील आरएन ओझा ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में निर्देश दिए कि गुरपाल सिंह को पिछले 10 साल के बकाया के साथ रिजरविस्ट पेंशन दी जाए। उनको 16 हजार रुपये प्रति महीना पेंशन, मुफ्त पारिवारिक ईलाज , सीएसडी कैंटीन व अन्य फौजी सहुलियत देने के निर्देश जारी किए हैं।
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