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किसान आंदोलन के बीच हरियाणा में आज हजारों कर्मचारी और मजदूरों की हड़ताल, रोडवेज का दो घंटे चक्का जाम

Thu, 26 Nov 2020 12:01 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 26 Nov 2020 12:01 AM IST
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Strike in Haryana: Employees and workers on strike in Haryana
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : strike

किसानों के दिल्ली कूच के बीच हरियाणा के हजारों कर्मचारी और मजदूर आज हड़ताल पर रहेंगे। रोडवेज का दो घंटे चक्का जाम रहेगा। शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी कल रात दस बजे से हड़ताल पर चले गए हैं। लेकिन आज कर्मचारी सरकारी सेवाओं को बाधित नहीं करेंगे। राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की सैकड़ों अखिल भारतीय फेडरेशनों ने संयुक्त रूप से किया है। 

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हरियाणा सरकार हड़ताल को अवैध करार दे चुकी है। हड़ताली कर्मचारियों की गैरहाजिरी दर्ज की जाएगी। हड़ताल में राज्य के सभी सरकारी विभागों, बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगम, परिषदों, पालिकाओं और केंद्रीय परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारी शामिल होंगे।

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इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी ने दावा किया कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल अभूतपूर्व होगी। केंद्र सरकार कोरोना को अवसर मानकर सार्वजनिक क्षेत्र को तेजी से निजी घरानों को सौंप रही है। 

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किसानों व मजदूरों के तीखे विरोध के बावजूद कॉरपोरेट घरानों को मदद पहुंचाने के लिए तीन कृषि कानून लाए गए। 44 श्रम कानूनों को समाप्त करने, डीए की कटौती करने से कर्मचारियों एवं मजदूरों में आक्रोश है। हड़ताली कर्मचारी अपने कार्यालयों पर सरकार की नीतियों के खिलाफ और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।

संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, उप महासचिव सबिता मलिक, मुख्य संगठनकर्ता धर्मवीर फोगाट, उप प्रधान जग रोशन, सीलक राम मलिक व प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना ने बताया कि सरकार आर्थिक संकट का बहाना बनाकर कर्मचारियों की कोई भी मांग मानने से इंकार कर रही है। दूसरी तरफ बरोदा उपचुनाव से ठीक पहले आर्थिक संकट में 21 बोर्ड व निगमों के चेयरमैन बनाकर करोड़ों रुपये का खर्च बढ़ा दिया।


ये सेवाएं जारी रहेंगी
स्वास्थ्य, बिजली, दमकल, एंबुलेंस आदि आपातकालीन सेवाओं में तैनात कर्मचारी हड़ताल में शामिल होते हुए भी आवश्यक सेवाओं को बहाल रखेंगे। ये कर्मचारी हड़ताल में शामिल होकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर तो करेंगे लेकिन जनहित में आवश्यक सेवाओं को बहाल रखने में मदद करेंगे।

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