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चंडीगढ़ PGI में फिर हड़ताल: निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे 3000 कर्मचारी, दिवाली पर भी नहीं करेंगे काम
Wed, 30 Oct 2024 01:20 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 30 Oct 2024 01:20 PM IST
सार
चंडीगढ़ पीजीआई में कर्मचारियों ने एक बार फिर से हड़ताल कर दी है। अनुबंध कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठकर नारेबाजी कर रहे हैं।
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हड़ताल पर पीजीआई के अनुबंध कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई में दिवाली से एक दिन पहले एक बार फिर से हड़ताल कर दी गई है। पीजीआई के करीब 3000 अनुबंध कर्मचारी बुधवार को काम छोड़कर हड़ताल पर बैठ गए हैं। पीजीआई में कांट्रैक्ट पर तैनात हॉस्पिटल अटेंडेंट, सफाई कर्मचारी, किचन स्टाफ और ऑफिस बियरर बकाया बोनस भुगतान की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।
कर्मचारियों ने बुधवार की सुबह 11:30 से हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों की मांग है कि जब तक उन्हें उनका बकाया बोनस नहीं दिया जाता वे काम पर नहीं लौटेंगे। फिलहाल उन्होंने 24 घंटे की हड़ताल घोषित की है। वह वीरवार की सुबह 11:30 तक निदेशक कार्यालय के बाहरी प्रदर्शन करेंगे।
हड़ताल के दौरान एक बार फिर पीजीआई की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के महासचिव बलविंदर मलिक का कहना है कि आदेश के बावजूद पीजीआई प्रशासन कर्मचारियों को उनका जायज हक देने से बार-बार इनकार कर रहा है। इसलिए कर्मचारियों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त की थी। लेकिन उसके बाद भी पीजीआई प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ा, जिसे ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने अपने हक को प्राप्त करने के लिए फिर से हड़ताल करने का निर्णय लिया है। इस दौरान मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए पीजीआई प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
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कर्मचारियों ने बुधवार की सुबह 11:30 से हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों की मांग है कि जब तक उन्हें उनका बकाया बोनस नहीं दिया जाता वे काम पर नहीं लौटेंगे। फिलहाल उन्होंने 24 घंटे की हड़ताल घोषित की है। वह वीरवार की सुबह 11:30 तक निदेशक कार्यालय के बाहरी प्रदर्शन करेंगे।
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हड़ताल के दौरान एक बार फिर पीजीआई की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के महासचिव बलविंदर मलिक का कहना है कि आदेश के बावजूद पीजीआई प्रशासन कर्मचारियों को उनका जायज हक देने से बार-बार इनकार कर रहा है। इसलिए कर्मचारियों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त की थी। लेकिन उसके बाद भी पीजीआई प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ा, जिसे ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने अपने हक को प्राप्त करने के लिए फिर से हड़ताल करने का निर्णय लिया है। इस दौरान मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए पीजीआई प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।