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Chandigarh: सिजोफ्रेनिया के मरीज को दिखाइए कॉमेडी मूवी, तनाव हो जाएगा दूर... शोध में आया सामने

Mon, 06 May 2024 04:38 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 06 May 2024 04:38 AM IST
सार

मूवी देखने के 72 घंटे बाद सिजोफ्रेनिया के मरीजों से फीडबैक लिया गया। उनमें से 80 प्रतिशत ने कहा कि बहुत अच्छा महसूस हुआ है। उन मरीजों से चार दिन बाद फिर अनुभव पूछा गया। उन्होंने बताया कि मूवी से अब तक आनंदित हो रहे हैं। 
 

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Show comedy movie to a schizophrenia patient, stress will go away... research revealed
Stress - फोटो : istock

विस्तार

घर में अगर कोई सिजोफ्रेनिया का मरीज है तो उसके तनाव को दूर करने के लिए उसे कॉमेडी मूवी दिखाइए। कॉमेडी मूवी देखने के बाद उसका तनाव काफी हद तक दूर होगा। वहीं, इसके माध्यम से वह केवल चंद घंटों की बजाय लगातार कई दिनों तक खुशनुमा महसूस करेगा। 
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ये केवल कहने-सुनने की बात नहीं है, जीएमसीएच-32 के विशेषज्ञ ने इसे शोध के माध्यम से साबित किया है। सिजोफ्रेनिया के मरीजों को कॉमेडी मूवी दिखाने के बाद उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति में आए सकारात्मक परिणाम की पुष्टि हुई है।
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एम्स मोहाली में कार्यरत जीएमसीएच-32 की पूर्व मनोचिकित्सक डॉ. निधि मल्होत्रा ने बताया कि उन्होंने डे केयर में पुनर्वास के लिए आने वाले सिजोफ्रेनिया के मरीजों पर शोध किया है। इसमें 35 से 50 साल के बीच के 35 मरीज शामिल थे। इसमें स्त्री-पुरुष की संख्या बराबर थी। उन मरीजों का इलाज तो चल रहा था, लेकिन तनाव प्रबंधन या खुशी देने वाली चीजों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इसलिए उन मरीजों से पूछा गया कि क्या वे मूवी देखना चाहेंगे। उनकी इच्छा पता लगने पर उन्हें कुछ कॉमेडी मूवी का विकल्प दिया गया। 
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उन्होंने आपसी चर्चा के बाद एक मूवी देखने का निर्णय लिया। उनको उनकी पसंद की मूवी दिखाई गई। मूवी देखने के 72 घंटे बाद उनसे फीडबैक लिया गया। उनमें से 80 प्रतिशत ने कहा कि बहुत अच्छा महसूस हुआ है। उन मरीजों से चार दिन बाद फिर अनुभव पूछा गया। उन्होंने बताया कि मूवी से अब तक आनंदित हो रहे हैं। 


डॉ. निधि ने बताया कि उन मरीजों से भावुकता, व्यवहार और खुशी के अंतराल से संबंधित प्रश्नावली भरवाई गई। उनके जवाब के आधार पर उनके तनाव प्रबंधन का आकलन किया गया। जिससे यह बात सामने आई कि उन मरीजों में तनाव प्रबंधन में हंसने और खुश रहने की समय सीमा का महत्वपूर्ण योगदान है।
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