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यहां स्नैचिंग का कारण हैं बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 30 Jan 2014 02:47 PM IST
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में करीब दो माह से स्ट्रीट लाइटें लगभग बंद हैं। इससे स्नैचरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि यहां आए दिन वारदात होती रहती है।
इस इलाके में दो महीने के अंदर पांच-सात स्नैचिंग हो चुकी हैं। इसके बावजूद स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करने पर नगर निगम का ध्यान नहीं है। यह हाल उस एरिया का है, जहां से सरकार को करोड़ों का राजस्व मिलता हैं। यहीं काफी तादात में इंडस्ट्रियलिस्ट हैं।
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में सड़कों किनारे लगीं 80 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। उद्यमियों का कहना है कि इस संबंध में नगर निगम को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक लाइटों को सही नहीं करवाया गया।
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ऐसे में अब मजदूर शाम के बाद काम करने में भी आनाकानी करने लगे हैं, क्योंकि कई मजदूरों की ड्यूटी शाम तो कई की रात को खत्म होती है।
स्ट्रीट लाइट दुरुस्त कराने के लिए कई बार नगर निगम को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्ट्रीट लाइट सही नहीं करवाया गया। स्नैचर रात को अक्सर वर्करों का मोबाइल छीन लेे जाते हैं।
- प्रवीण अत्रे, कारोबारी
पिछले सात साल से इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की लगभग सभी स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। नगर निगम को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर।
- सीबी गोयल, पार्षद एवं उद्यमी
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 की स्ट्रीट लाइटों का एस्टीमेट बनाकर डायरेक्टर ऑफिस भेजा गया है। एस्टीमेट पास होते ही टेंडर निकाला जाएगा।
- सुनील तलवार, डिप्टी मेयर, नगर निगम
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इस इलाके में दो महीने के अंदर पांच-सात स्नैचिंग हो चुकी हैं। इसके बावजूद स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करने पर नगर निगम का ध्यान नहीं है। यह हाल उस एरिया का है, जहां से सरकार को करोड़ों का राजस्व मिलता हैं। यहीं काफी तादात में इंडस्ट्रियलिस्ट हैं।
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में सड़कों किनारे लगीं 80 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। उद्यमियों का कहना है कि इस संबंध में नगर निगम को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक लाइटों को सही नहीं करवाया गया।
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ऐसे में अब मजदूर शाम के बाद काम करने में भी आनाकानी करने लगे हैं, क्योंकि कई मजदूरों की ड्यूटी शाम तो कई की रात को खत्म होती है।
स्ट्रीट लाइट दुरुस्त कराने के लिए कई बार नगर निगम को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्ट्रीट लाइट सही नहीं करवाया गया। स्नैचर रात को अक्सर वर्करों का मोबाइल छीन लेे जाते हैं।
- प्रवीण अत्रे, कारोबारी
पिछले सात साल से इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की लगभग सभी स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। नगर निगम को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर।
- सीबी गोयल, पार्षद एवं उद्यमी
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 की स्ट्रीट लाइटों का एस्टीमेट बनाकर डायरेक्टर ऑफिस भेजा गया है। एस्टीमेट पास होते ही टेंडर निकाला जाएगा।
- सुनील तलवार, डिप्टी मेयर, नगर निगम