{"_id":"590cd61a4f1c1ba4308b4594","slug":"stray-dog-problem-in-chandigarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" स्ट्रे डॉग्स के लिए ये है प्रशासक का मैनेजमेंट मंत्र, जयपुर मॉडल' पर काम करेगा चंडीगढ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्ट्रे डॉग्स के लिए ये है प्रशासक का मैनेजमेंट मंत्र, जयपुर मॉडल' पर काम करेगा चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 06 May 2017 01:14 AM IST
विज्ञापन
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन अब जयपुर मॉडल पर स्ट्रे डॉग्स मैनेजमेंट पर काम करेगा। बदनौर ने कहा कि कुत्तों और बंदरों से इंसान को कोई खतरा नहीं। इसके लिए मात्र मैनेजमेंट की जरूरत है। बदनौर ने 2005-09 में राजस्थान में सरिस्का में शेरों के संरक्षण को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स तैयार किया था। इसी तरह शहर में बढ़ रहे लावारिस कुत्तों के आतंक से निबटने के लिए प्रशासन काम करने की तैयारी में है।
मेयर आशा कुमारी जसवाल व निगम कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने शुक्रवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मेयर ने प्रशासक को बताया कि जयपुर व देश के अन्य राज्यों से स्ट्रे डॉग्स की समस्या से निबटने के लिए एक्सपर्ट की राय ली जा रही है। डब्लयूएचओ की गाइड लाइंस पर जयपुर ने वर्ष 1994 में एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम शुरू किया था। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली एक साथ अब स्ट्रे डॉग्स से निबटने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
मेयर आशा कुमारी जसवाल व निगम कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने शुक्रवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मेयर ने प्रशासक को बताया कि जयपुर व देश के अन्य राज्यों से स्ट्रे डॉग्स की समस्या से निबटने के लिए एक्सपर्ट की राय ली जा रही है। डब्लयूएचओ की गाइड लाइंस पर जयपुर ने वर्ष 1994 में एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम शुरू किया था। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली एक साथ अब स्ट्रे डॉग्स से निबटने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
बदनौर से स्वच्छता के मुद्दे पर भी चर्चा
मेयर आशा कुमारी जसवाल
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में चंडीगढ़ के 11वें नंबर पर आने पर भी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ चर्चा की गई। चंडीगढ़ की इस रैंकिंग को लेकर आज प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों में काफी हलचल देखी गई। मेयर ने कहा कि निगम पार्षदों और अधिकारियों ने बेहतर काम किया था, जिसकी वजह से उन्हें सेल्फ डिक्लेयरेशन में 883 अंक मिले, जो कि देश सबसे ज्यादा थे।
इसके अलावा ऑनसाइट आब्जर्वेशन में भी उन्हें 439 अंक मिले, जोकि पूरे देश में पांचवें नंबर पर थे। मेयर ने कहा कि अगर लोग फीडबैक देते तो हम नंबर वन होते। कमिश्नर बी. पुरुषार्था ने कहा कि सेल्फ डिक्लेयरेशन में तो 98.11 फीसदी अंक मिले हैं। जो टीम ऑन साइट आब्जर्वेशन करने आई थी उसने भी शहर की साफ सफाई को 87.7 फीसदी नंबर दिए, लेकिन प्रैक्टिकल में मात्र 75.8 फीसदी अंक मिले।
इसके अलावा ऑनसाइट आब्जर्वेशन में भी उन्हें 439 अंक मिले, जोकि पूरे देश में पांचवें नंबर पर थे। मेयर ने कहा कि अगर लोग फीडबैक देते तो हम नंबर वन होते। कमिश्नर बी. पुरुषार्था ने कहा कि सेल्फ डिक्लेयरेशन में तो 98.11 फीसदी अंक मिले हैं। जो टीम ऑन साइट आब्जर्वेशन करने आई थी उसने भी शहर की साफ सफाई को 87.7 फीसदी नंबर दिए, लेकिन प्रैक्टिकल में मात्र 75.8 फीसदी अंक मिले।