{"_id":"81c2c72f378973befd62639f2927b3ba","slug":"strange-kind-of-activity-by-election-commission-in-mohali","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुर्दा बने वोटर, जिंदा वोटिंग लिस्ट से गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुर्दा बने वोटर, जिंदा वोटिंग लिस्ट से गायब
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 01 May 2014 02:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव कुंभड़ा में बने पोलिंग स्टेशन में बुधवार दोपहर उस समय अजीब स्थिति बन गई। जब एक ही परिवार के दस लोगों की वोट काट दी गईं। जबकि मुर्दा लोगों के नाम वोटिंग लिस्ट में शामिल थे। लोगों को आरोप था कि 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने मतदान किया था। जबकि यह सारी कार्रवाई जानबूझकर की गई।
विज्ञापन
इसके बाद गुस्साएं लोगों ने पोलिंग बूथ के बाहर के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही इस संबंधी प्रशासन को शिकायत देने का फैसला लिया है। गांव लंबिया निवासी हरबंस सिंह ने बताया कि उनके परिवार के 10 मेंबर्स हैं। जिनमें मनदीप सिंह, रनजीत सिंह, हरबंस सिंह, मंजीत कौर, गुरदेव कौर, चरनजीत कौर, दविंदर कौर, गुरदीप सिंह, सुखविंदर सिंह व प्रेम सिंह शामिल हैं। सभी बुधवार को मतदान के लिए कुंभड़ा में बने पोलिंग स्टेशन पर गए थे।
विज्ञापन
वोटर कार्ड लेकर सुबह करीब 8:30 बजे अपनी वोट डालने के लिए कुंबडा के सरकारी स्कूल के बाहर लाइनों में लग गए। लेकिन दो घंटे के बाद जब उनकी वोट डालने की बारी आई। तो पोलिंग स्टॉफ ने उन्हें वोट डालने से मना कर दिया।
विज्ञापन
जब उन्होंने वोट न डालने का कारण पूछा तो उन्हें बताया कि उनके पूरे परिवार के सदस्यों की वोट इस गांव की वोटिंग सूची से डिलीट कर दी गई हैं। हरबंस सिंह ने बताया कि जब उन्होंने पूछा कि उनके ही परिवार की सभी वोटें डिलिट क्यों की गई हैं। तो पोलिंग स्टॉफ ने कहा कि वह इस बारे में जानकारी नहीं दे सकते। इसके बाद उन्हें बाहर जाने के लिए कह दिया गया।
उन्होंने बताया कि अगर उनकी वोट डिलीट हो चुकी थी, तो उनको इस बारे में सूचित क्यों नहीं किया गया। जबकि हरबंस सिंह के पिता स्व. बलक राम गांव लंबियां के पूर्व सरपंच भी रह चुके हैं।
दूसरी तरफ छज्जा सिंह पुत्र नरैण सिंह, बंता सिंह पुत्र बारू सिंह, शेर सिंह पुत्र जेठू, अवतार सिंह पुत्र अर्जुन सिंह, जसविन्द्र कौर पत्नी अवतार सिंह, सुरजीत कौर पत्नी अमर सिंह, माधो सिंह पुत्र किशन सिंह तथा शकुंतला देवी आदि का स्वर्गवास हो चुका है। लेकिन उनकी वोटें बनी हुई थीं।