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पाकिस्तान में धार्मिक मंच से किया गया भारत विरोधी प्रचार, शहीदी पर्व की तारीखों को लेकर विवाद
Tue, 18 Jun 2019 02:28 PM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 18 Jun 2019 02:28 PM IST
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पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा लाहौर के गुरुद्वारा डेरा साहिब में पांचवें गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर आयोजित धार्मिक समारोह में भारत विरोधी प्रचार किया गया। पीएसजीपीसी पाकिस्तान दूतावास द्वारा वीजा जारी करने के बावजूद भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा श्रद्धालुओं के जत्थे को पाकिस्तान जाने से रोक लिए जाने से बौखलाई हुई है।
पाकिस्तान औकाफ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आमेर अहमद और पीएसजीपीसी के महासचिव खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला ने भारत सरकार द्वारा मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान न भेजने पर भारत सरकार की निंदा की। पाकिस्तान के कई सिख नेताओं ने मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार शहीदी पर्व के कार्यक्रम आयोजन करने का संकल्प लिया।
पाकिस्तान कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में बसे सिख नानकशाही कैलेंडर के अनुसार ही गुरु साहिबान के पर्वों का आयोजन करेंगे।
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पाकिस्तान औकाफ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आमेर अहमद और पीएसजीपीसी के महासचिव खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला ने भारत सरकार द्वारा मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान न भेजने पर भारत सरकार की निंदा की। पाकिस्तान के कई सिख नेताओं ने मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार शहीदी पर्व के कार्यक्रम आयोजन करने का संकल्प लिया।
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पाकिस्तान कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में बसे सिख नानकशाही कैलेंडर के अनुसार ही गुरु साहिबान के पर्वों का आयोजन करेंगे।
शहीदी पर्व के पावन अवसर पर विदेश से 800 सिख डेरा साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान पहुंचे। इस कार्यक्रम के भारत से गए आठ रागी सिंहों ने गुरबाणी ज्ञान करके संगत को गुरु चरणों से जोड़ा। पाकिस्तान के सिंध, पेशावर, ननकाना साहिब और हसनबदाल से संगत डेरा साहिब पहुंची थी।
पीएसजीपीसी ने ननकाना साहिब की संगत को डेरा साहिब तक पहुंचाने के लिए बसों का विशेष प्रबंध किया हुआ था। पाकिस्तान सरकार के मंत्री एजाज आलम मुख्य मेहमान के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर पीएसजीपीसी के अध्यक्ष तारा सिंह, पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह, गोपाल सिंह चावला, रमेश सिंह अरोड़ा, मनिंदर सिंह और मोहिंदर सिंह सांसद भी मौजूद थे।
पीएसजीपीसी ने संगत के लिए लंगर व रहने के विशेष प्रबंध किए हुए थे।
पीएसजीपीसी ने ननकाना साहिब की संगत को डेरा साहिब तक पहुंचाने के लिए बसों का विशेष प्रबंध किया हुआ था। पाकिस्तान सरकार के मंत्री एजाज आलम मुख्य मेहमान के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर पीएसजीपीसी के अध्यक्ष तारा सिंह, पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह, गोपाल सिंह चावला, रमेश सिंह अरोड़ा, मनिंदर सिंह और मोहिंदर सिंह सांसद भी मौजूद थे।
पीएसजीपीसी ने संगत के लिए लंगर व रहने के विशेष प्रबंध किए हुए थे।
2003 में जारी किए गए नानकशाही कैलेंडर को तीन बार संशोधित किया जा चुका है। मूल नानकशाही कैलेंडर और संशोधित कैलेंडर में श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व को लेकर तारीखों में अंतर है। एसजीपीसी सात जून को शहीदी दिवस का आयोजन करती है। इसी तारीख के अनुसार दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास से वीजा जारी करने का आग्रह करती है।
पाकिस्तान दूतावास इसलिए वीजा जारी नहीं करता कि पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब में शहीदी पर्व मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार 16 जून को आयोजित किया जाना है। एसजीपीसी इस को आधार बना शहीदी पर्व पर पाकिस्तान जत्थे भेजने से इंकार करती रही है।
इसके बावजूद कुछ सिख संस्थाएं मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार शहीदी पर्व मनाने के लिए वीजा लेकर पाकिस्तान जाती रही हैं। इस बार वहारत सरकार ने इन यात्रियों को पाकिस्तान जाने से रोका है।
पाकिस्तान दूतावास इसलिए वीजा जारी नहीं करता कि पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब में शहीदी पर्व मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार 16 जून को आयोजित किया जाना है। एसजीपीसी इस को आधार बना शहीदी पर्व पर पाकिस्तान जत्थे भेजने से इंकार करती रही है।
इसके बावजूद कुछ सिख संस्थाएं मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार शहीदी पर्व मनाने के लिए वीजा लेकर पाकिस्तान जाती रही हैं। इस बार वहारत सरकार ने इन यात्रियों को पाकिस्तान जाने से रोका है।