बजट से निराश, देखिए क्या बोले विपक्षी दल और कर्मचारी नेता

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 29 Feb 2016 08:30 PM IST
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statement of political leaders and staff leader on budget

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हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व सांसद डा. अशोक तंवर ने आम बजट को आम आदमी के लिए महंगाई की मार और अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक करार दिया है।
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उन्होंने कहा कि आयकर स्लैब में कोई बदलाव न करने और सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी से बीजेपी की जनविरोधी छवि पुख्ता हुई है। डॉ. तंवर ने कहा कि बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी कम करने के प्रावधान से देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बजट के तुरंत बाद शेयर बाजारों की गिरावट इस आशंका को सही साबित कर रही है।
अच्छे दिनों की बात करने वाली बीजेपी ने आम आदमी को महंगाई में झोंकने का काम किया है। देश में लगातार गिरती विकास दर के प्रति भी वित्त मंत्री ने किसी प्रकार की चिंता नहीं की, उल्टे जुमलेबाजी कर अपनी नाकामियां छिपाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की बात तो कही गई लेकिन कृषि और किसान के उत्थान के लिए एक भी प्रभावी कदम इस बजट में नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि किसान के प्रति चिंता तो दूर की बात, वित्त मंत्री ने देश को आंकड़ों में उलझाने की कोशिश की।

आम बजट विदेशी लोगों का बजट : रंजीता
हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता रंजीता मेहता ने आम बजट को जनविरोधी बताते हुए इसे विदेशी लोगों का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में शत प्रतिशत एफडीआई को अनुमति देकर विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है। इससे देश के लोगों का कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा मेक इन इंडिया का नारा लगाती है, लेकिन 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दिए जाने से यह साबित होता है कि हमारा देश सक्षम नहीं है।

कर्मचारी संघ ने बजट पर जताई निराशा
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने बजट को कर्मचारी विरोधी करार दिया है। संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि कर्मचारी वर्ग को आयकर छूट की सीमा बढ़ाने, जीपीएफ/ईपीएफ में ब्याज दर बढ़ाने, नई नेशनल पेंशन स्कीम को रद्द कर नए भर्ती हुए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम के तहत पेंशन देने, सरकारी सेवाओं में भर्ती पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाकर खाली पड़े पदों को भरने, ठेका आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को समान काम समान वेतन के सिद्धांत अनुसार वेतन देने की आस लगाए बैठे थे, मगर आम बजट ने इस मांगों की अनदेखी के चलते कर्मचारी वर्ग को भारी निराशा हुई है।

व्यापार मंडल ने आयकर सीमा न बढ़ाने की निंदा की
अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने बजट में इनकम टैक्स छूट में बढ़ोतरी न करने व टैक्स स्लैब की दरों में कमी न करने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश का व्यापारी व उद्योगपति अरबों-खरबों रुपये इनकम टैक्स देकर केंद्र सरकार का खजाना भरने का काम करता है और देश में पहले से ही महंगाई बढ़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी यह बयान दिया था कि इनकम टैक्स में 2.5 लाख रुपये तक की छूट थोड़ी है, उसे बढ़ाने का पूरा प्रयास रहेगा, लेकिन लोगों को कोरी बयानबाजी के अलावा बजट से कुछ भी हासिल नहीं हुआ।
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