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प्रदेश सरकार हरियाणा फार्मर प्रोडूसर्स ऑर्गेनाइजेशन पॉलिसी का गठन करेगी : सुभाष बराला
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पॉलिसी को लेकर आयोजित विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की बैठक की अध्यक्षता की
चंडीगढ़। हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा फार्मर प्रोडूसर्स ऑर्गेनाइजेशन पॉलिसी का गठन करेगी। इसमें किसानों की जरूरत के अनुसार पॉलिसी के नियम व शर्तों को सरल किया जाएगा।
बराला ने यह जानकारी शुक्रवार को यहां हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण में हरियाणा फार्मर प्रोडूसर्स ऑर्गेनाइजेशन पॉलिसी को लेकर आयोजित विभिन्न स्टेक होल्डर्स की बैठक की अध्यक्षता के दौरान दी। हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की कार्यकारी समिति के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे बराला ने कहा कि अभी तक अधिकतर किसान परंपरागत खेती करते आ रहे हैं। समय की मांग है कि अब खेती को भी आधुनिक तरीके से किया जाए और उनकी फसल व उत्पाद को मार्केटिंग के माध्यम से बेहतर दाम दिलवाए जाएं। उन्होंने बैठक में आए कृषि, बागवानी, मत्स्य, पशुपालन आदि विभागों, बैंक के अधिकारियों के अलावा प्रगतिशील किसान एवं अन्य स्टेक होल्डर्स से विस्तार से बातचीत की और सुझाव मांगे। उन्होंने कुछ किसानों से प्रोजेक्ट लगाने में आने वाली समस्याओं के समाधान एवं अधिक से अधिक आमदनी लेने के भी सुझाव लिए। इस दौरान हरियाणा एफपीओ के बिजनेस मॉडल, एफपीओ की परेशानियों के बारे में विचार-विमर्श किया। बैठक में हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण के सीईओ भूपेंद्र सिंह, बागवानी विभाग के निदेशक अर्जुन सैनी आदि मौजूद रहे।
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चंडीगढ़। हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा फार्मर प्रोडूसर्स ऑर्गेनाइजेशन पॉलिसी का गठन करेगी। इसमें किसानों की जरूरत के अनुसार पॉलिसी के नियम व शर्तों को सरल किया जाएगा।
बराला ने यह जानकारी शुक्रवार को यहां हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण में हरियाणा फार्मर प्रोडूसर्स ऑर्गेनाइजेशन पॉलिसी को लेकर आयोजित विभिन्न स्टेक होल्डर्स की बैठक की अध्यक्षता के दौरान दी। हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की कार्यकारी समिति के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे बराला ने कहा कि अभी तक अधिकतर किसान परंपरागत खेती करते आ रहे हैं। समय की मांग है कि अब खेती को भी आधुनिक तरीके से किया जाए और उनकी फसल व उत्पाद को मार्केटिंग के माध्यम से बेहतर दाम दिलवाए जाएं। उन्होंने बैठक में आए कृषि, बागवानी, मत्स्य, पशुपालन आदि विभागों, बैंक के अधिकारियों के अलावा प्रगतिशील किसान एवं अन्य स्टेक होल्डर्स से विस्तार से बातचीत की और सुझाव मांगे। उन्होंने कुछ किसानों से प्रोजेक्ट लगाने में आने वाली समस्याओं के समाधान एवं अधिक से अधिक आमदनी लेने के भी सुझाव लिए। इस दौरान हरियाणा एफपीओ के बिजनेस मॉडल, एफपीओ की परेशानियों के बारे में विचार-विमर्श किया। बैठक में हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण के सीईओ भूपेंद्र सिंह, बागवानी विभाग के निदेशक अर्जुन सैनी आदि मौजूद रहे।
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