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ग्राहकों को 60 से 70 फीसदी डिस्काउंट दे सकते हैं, 10 रुपये का कैरी बैग क्यों नहीं: स्टेट कमीशन

Tue, 23 Apr 2019 01:39 PM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 23 Apr 2019 01:39 PM IST
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State Commission Statement on Carry Bag to Customers Issue, Discount Offer
फाइल फोटो
बड़े रिटेल स्टोर ग्राहकों को लुभाने के लिए 60 से 70 फीसदी तक डिस्काउंट ऑफर करते हैं, क्या वे 10 रुपये का कैरी बैग मुफ्त में नहीं दे सकते? यह टिप्पणी चंडीगढ़ स्टेट कमीशन ने वेस्टसाइट रिटेल स्टोर की अपील को खारिज करते हुए की है। जगजाहिर है कि कैरी बैग के एवज में पैसे वसूलना बड़े-बड़े शोरूम व दुकानों के लिए कमाई का जरिया बन गया है।
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इन कैरी बैग की कीमत 2 रुपये से लेकर 10, 15 और कभी 25 रुपये तक होती है। जो बैग के साइज और मैटीरियल (मसलन पेपर का बना है, या जूट या फिर कपड़े का) पर भी निर्भर करता है। अमर उजाला ने जब शहर के बड़े रिटेल स्टोर में जाकर पड़ताल की तो पाया कि उपभोक्ता फोरम के तमाम आदेशों के बावजूद ज्यादातर बड़े स्टोर कैरी बैक के मोटे पैसे वसूल रहे हैं।
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वी मार्ट 7 रुपये तो बिग बाजार वसूल रहा 20 रुपये
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एलांते मॉल के बिग बाजार में लोगों को कैरी बैग के लिए भारी भरकम राशि देनी पड़ती है। बिग बाजार में 10 रुपये और 20 रुपये के दो तरह के कैरी बैग दिए जा रहे हैं। वहीं डॉमिनॉज में 14 रुपये, वीमार्ट में 7 रुपये, शॉपरस्टॉप में कैरी बैग के लिए 12 रुपये लिए जा रहे हैं।
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इन कंपनियों के खिलाफ चल रहा फोरम में केस

चंडीगढ़ के उपभोक्ता फोरम ने लाइफस्टाइल, वेस्टसाइट और बाटा के खिलाफ आदेश जारी करके ग्राहकों को मुफ्त में कैरी बैग देने के आदेश दिए हैं। बीते दिनों बाटा के खिलाफ आए फोरम के आदेशों ने पूरे देश में खलबली मचा दी और लोगों को अपने अधिकार के प्रति जागरूक किया। वहीं वेस्टसाइट ने फोरम के आदेशों को स्टेट कमीशन में चुनौती दी, जिसे ने खारिज कर दिया गया। बाकी अन्य कंपनियों ने तत्काल प्रभाव से कैरी बैग मुफ्त देने शुरू कर दिए हैं। उधर, फोरम में डॉमिनॉज, वी मार्ट, बिग बाजार, शॉपर स्टॉप के खिलाफ भी केस चल रहा है।

कोर्ट का ऑर्डर सिर्फ उसी कंपनी पर, सब पर लागू नहीं होता
कंज्यूमर मामलों के वकील पंकज चांदगोठिया ने बताया कि उपभोक्ता फोरम के आदेश सिर्फ उसी कंपनी पर लागू होते हैं, जिसके खिलाफ शिकायत की गई हो। इसलिए अन्य कंपनियां कंज्यूमर फोरम के आदेशों में इस टेक्निकल कारण की वजह से बचकर बेधड़क मोटे दाम पर कैरी बैग बेच रही हैं। हालांकि शहर के डीसी चाहें तो एक ऑर्डर पास कर सभी दुकानों को ऐसा करने से रोक सकते हैं। चंडीगढ़ कंज्यूमर प्रोटेक्शन काउंसिल के चेयरमैन के नाते शहर के डीसी मनदीप बराड़ ही शहरवासियों को लुटने से बचा सकते हैं। क्योंकि ऐसे तो हजार कंपनियां हैं, एक-एक कर सभी के खिलाफ आदेश पारित करने में काफी समय लग जाएगा। प्रशासन को इस बारे में सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

कैरी बैग प्रचार का जरिया
गौर करने वाली बात यह भी है कि जिन कैरी बैग के हम पैसे देते हैं, उन पर कंपनी या दुकान का नाम लिखा होता है यानी यह उनके प्रचार का एक तरीका भी है। ऐसे में इससे ग्राहकों का दोहरा हनन होता है। एक तो ग्राहक उस कैरी बैग के पैसे चुका रहा, जो उसका हक है। दूसरा यह कि कंपनी अपना प्रचार कर रही हैं। हालांकि, अगर कैरी बैग सादा हो तो भी कंपनी उसके लिए पैसे नहीं ले सकती हैं। बाटा के मामले में फोरम ने अपने आदेशों में कहा था कि कंपनियां उपभोक्ताओं को अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रही हैं, और उसके लिए वह वैसे भी वसूलती हैं। यह धोखा और अन्याय है।

कहां करें केस

अगर आपसे भी किसी कंपनी ने जबरन कैरी बैग के पैसे वसूले हैं तो शहर के प्लॉट नंबर-5बी, सेक्टर-19बी स्थित राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ में शिकायत दे सकते हैं।
 
ऐसे करें शिकायत
- नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1800-11-4000 या 0172-2700183 पर कॉल कर सकते हैं।
- वेबसाइट http://www.nationalconsumerhelpline.in/ पर लॉगइन करके भी कंप्लेंट रजिस्टर कॉलम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- जिले के उपभोक्ता फोरम में जाकर लिखित शिकायत कर सकते हैं।
- सेक्टर-19 स्थित फोरम में एक सेंट्रलाइज्ड शिकायत केंद्र बनाया गया है, जहां पर केस फाइल करने संबंधी कोई भी जाकर हर तरह की जानकारी ले सकता है।

ऐसे दें लिखित शिकायत
एक सादे कागज पर निर्धारित शुल्क के साथ खुद या वकील के जरिए फोरम में तीन कॉपी के सेट में शिकायत दाखिल कर सकते हैं। शिकायतकर्ता व विपक्षी का नाम, पता, शिकायत का कारण, कब पैदा हुआ और मांगी गई क्षतिपूर्ति का विवरण भी प्रमाण के साथ देना जरूरी है। फोरम के पक्ष में पोस्टल ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए वाद शुल्क जमा होगा। दुकानदार, मैन्यूफैक्चर्स, डीलर या फिर सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।

केस दर्ज करने से पहले इनका रखें ख्याल

- केस करने से पहले कैरी बैग की रसीद लेनी होगी।
- रसीद और शिकायत की कॉपी उपभोक्ता फोरम में दें। आप खुद भी अपना केस लड़ सकते हैं या वकील भी कर सकते हैं।
- 5 लाख रुपये तक के विवाद में आपको कोई फीस नहीं देनी होगी।
- 5 लाख से 10 लाख रुपये के विवाद में 200 रुपये फीस लगती है।
- 10 लाख से 20 लाख रुपये के विवाद में 400 रुपये फीस।

मजबूरन पैसे देने ही पड़े : जगदीप महाजन
मनीमाजरा स्थित वी मार्ट में शॉपिंग करने गए चंडीगढ़ के जगदीप महाजन ने बताया कि उन्होंने एक जींस खरीदी, जिसकी कीमत 899 रुपये थी। घर ले जाने के लिए कैरी बैग की जरूरत पड़ी तो बिलिंग कर रहे स्टाफ ने उन्हें बताया कि कैरी बैग के लिए उन्हें 7 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसका विरोध करने पर स्टाफ ने कहा कि उन्हें कैरी बैग लेना है तो पैसे चुकाने ही होंगे। मजबूरन पैसे देने ही पड़े।

कोई भी स्टोर संचालक ग्राहकों से कैरी बैग की एवज में राशि नहीं ले सकता। खरीदारी करने के बाद कैरी बैग लेना ग्राहक का अधिकार है। हाल में आए कैरी बैग मामले में फैसले को देखकर लोगों को अपने हक की आवाज उठाने की जरूरत है।
- पंकज चांदगोठिया, वकील
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