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पकड़ा गया पाकिस्तान की जासूसी दुनिया का बादशाह, पंखों पर लिखा है कुछ ऐसा
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Tue, 09 May 2017 10:05 AM IST
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जासूस कबूतर
- फोटो : Demo Pic
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इंसानी दुनिया में कबूतर से जासूसी कोई नई बात नहीं है। दिखने में भले ही छोटे हो पर काम में सबसे आगे। क्योंकि ये जासूसी दुनिया के सबसे बड़े बादशाह हैं, जो पकड़ लिया गया है। सरहद पर कबूतर पकड़ा गया तो एजेसियों के कान खड़े हो गए। क्योंकि इस बार कबूतर के पंख न तो कुछ उर्दु में लिखा था, और न ही कुछ पंजों में भेजा गया था।
भारत-पाक सीमा से सटे अजनाला सेक्टर के शाहपुर पास से रविवार शाम को बीएसएफ के जवानों ने एक कबूतर को पकड़ा। जांच के लिए इसे अजनाला पुलिस को सौंपा गया। जांच में पता चला है कि कबूतर के पंखों पर दो फोन नंबर (8144610027 और 3328182) लिखे हैं। जांच में पता चला है कि इनमें से एक नंबर कोलकाता का है। दूसरे नंबर को ट्रेस किया जा रहा है। फिलहाल दोनों फोन नंबर बंद हैं।
अजनाला थाने के एसएचओ गुरजीत सिंह मल्ली कहते हैं कि कबूतर का मेडिकल कराकर उसे एनिमल डिपार्टमेंट को सौंप दिया है। दोनों नंबरों को लेकर जांच चल रही है। यह मामला बीएसएफ के तरफ से दर्ज किया गया है।
भारत-पाक सीमा से सटे अजनाला सेक्टर के शाहपुर पास से रविवार शाम को बीएसएफ के जवानों ने एक कबूतर को पकड़ा। जांच के लिए इसे अजनाला पुलिस को सौंपा गया। जांच में पता चला है कि कबूतर के पंखों पर दो फोन नंबर (8144610027 और 3328182) लिखे हैं। जांच में पता चला है कि इनमें से एक नंबर कोलकाता का है। दूसरे नंबर को ट्रेस किया जा रहा है। फिलहाल दोनों फोन नंबर बंद हैं।
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अजनाला थाने के एसएचओ गुरजीत सिंह मल्ली कहते हैं कि कबूतर का मेडिकल कराकर उसे एनिमल डिपार्टमेंट को सौंप दिया है। दोनों नंबरों को लेकर जांच चल रही है। यह मामला बीएसएफ के तरफ से दर्ज किया गया है।
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पंखों पर लिखे मिले दो नंबर, जांच में एक नंबर कोलकाता निकला
जासूस कबूतर
कबूतर पाकिस्तानी है या हिंदुस्तानी इसकी जांच की जा रही है।
बता दे, भारत-पाक सीमा पर सटे दोनों तरफ गांवों में कबूतरबाजी का शौक बहुत है। कई बार दोनों मुल्कों के कबूतर इधर-उधर भटक जाते हैं लेकिन कबूतर पालने वाले लोग ईमानदारी से कबूतर लौटा देते हैं।
कबूतर की देखभाल के लिए ड्यूटी पर एसएचओ
अजनाला पुलिस की निगरानी में कबूतर 24 घंटे रहा। इसके लिए बाकायदा एसएचओ और तीन अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई। सरकारी गाड़ी से कबूतर को अजनाला से अमृतसर लाया गया। मेडिकल हुआ और उसे एनिमल विभाग को सौंप दिया गया। कबूतर को किसी प्रकार की बीमारी तो नहीं है, इसके लिए भी जांच टीम बनाई गई है।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद कबूतर सौंप पुलिस अजनाला लौटी। एसएचओ गुरजीत सिंह मल्ली कहते हैं कि कबूतर अगर उड़ जाता तो बीएसएफ यही कहती है... कहां गया कबूतर। मामला दर्ज किया गया है, ऐसे में उसकी रखवाली करना हमारी ड्यूटी थी।
बता दे, भारत-पाक सीमा पर सटे दोनों तरफ गांवों में कबूतरबाजी का शौक बहुत है। कई बार दोनों मुल्कों के कबूतर इधर-उधर भटक जाते हैं लेकिन कबूतर पालने वाले लोग ईमानदारी से कबूतर लौटा देते हैं।
कबूतर की देखभाल के लिए ड्यूटी पर एसएचओ
अजनाला पुलिस की निगरानी में कबूतर 24 घंटे रहा। इसके लिए बाकायदा एसएचओ और तीन अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई। सरकारी गाड़ी से कबूतर को अजनाला से अमृतसर लाया गया। मेडिकल हुआ और उसे एनिमल विभाग को सौंप दिया गया। कबूतर को किसी प्रकार की बीमारी तो नहीं है, इसके लिए भी जांच टीम बनाई गई है।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद कबूतर सौंप पुलिस अजनाला लौटी। एसएचओ गुरजीत सिंह मल्ली कहते हैं कि कबूतर अगर उड़ जाता तो बीएसएफ यही कहती है... कहां गया कबूतर। मामला दर्ज किया गया है, ऐसे में उसकी रखवाली करना हमारी ड्यूटी थी।