फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Special Talk with former Commanding-in-Chief of Western Command Lt. Gen. KJ Singh

Kargil War: पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह बोले-खुफिया और हथियारों के क्षेत्रों में हम पहले से ज्यादा मजबूत

Wed, 26 Jul 2023 11:15 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 26 Jul 2023 11:15 AM IST
सार

पूर्व जनरल केजे सिंह कहते हैं कि कारगिल जैसे युद्ध दोबारा हो सकते हैं। इसके लिए भारत ने अपने आपको काफी तैयार किया है। कारगिल में खुफिया चूक की वजह से काफी नुकसान झेलना पड़ा था। कारगिल युद्ध के बाद भारत ने डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (डीआईए) और नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन का गठन किया है।

विज्ञापन
Special Talk with former Commanding-in-Chief of Western Command Lt. Gen. KJ Singh
पश्चिमी कमान के पूर्व कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह - फोटो : फाइल

विस्तार

कारगिल से सबक लेने के बाद भारतीय सेना ने अपनी रणनीति में काफी बदलाव किया है। खुफिया व सर्विलांस पर काम करने के साथ हथियारों को अपग्रेड किया है। अब हल्के वजन वाले टैंकों पर काम किया जा रहा है, ताकि उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में टैंकों को तैनात करने में कोई बाधा न आए। आगामी युद्धों में ड्रोन काफी अहम भूमिका निभाने वाला है। यह कहना है कि पश्चिमी कमान के पूर्व कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह का।

विज्ञापन


पूर्व जनरल केजे सिंह कहते हैं कि कारगिल जैसे युद्ध दोबारा हो सकते हैं। इसके लिए भारत ने अपने आपको काफी तैयार किया है। कारगिल में खुफिया चूक की वजह से काफी नुकसान झेलना पड़ा था। इस पर ज्यादा काम करने की जरूरत है। कोई भी देश चाहे जितनी खुफिया मजबूत कर ले, उसमें स्कोप हमेशा रहता है। भारत में इसमें काम किया है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Kargil Diwas: 25 दुश्मनों को ढेर कर शहीद हुए थे नायक अजायब सिंह, डरे पाकिस्तान ने धोखे से पीठ पर किया था वार
विज्ञापन
विज्ञापन


धनुष तोप बोफोर्स से ज्यादा खतरनाक
कारगिल युद्ध के बाद भारत ने डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (डीआईए) और नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन का गठन किया है, जो खुफिया जानकारी देने में अहम भूमिका निभा रही हैं। हथियारों के मामले में भी भारत ने अपने आपको अपडेट किया है। कारगिल युद्ध में बोफोर्स तोप ने दुश्मनों के छक्के उड़ाए थे। अब भारत उसी के एडवांस वर्जन धनुष तोप को अपने आर्टिलरी विंग में शामिल किया है। यह बोफोर्स भी ज्यादा खतरनाक है। स्वदेश में निर्मित इस तोप की मारक क्षमता इतनी खतरनाक है कि 50 किलोमीटर की दूरी पर बैठा दुश्मन पलक झपकते ही खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही एडवांस टोड आर्टिलरी गन सिस्टम को लाने की तैयारी  जोरों से चल रही है। इसे चीन व पाकिस्तान के साथ सीमाओं पर तैनात किया जाएगा। लाइट वेट टैंक पर काम तेजी से चल रहा है। 

भविष्य के युद्धों में ड्रोन निभाएंगे अहम भूमिका
उन्होंने कहा कि सीमा का रखरखाव भी वन फोर्स वन बार्डर पर कर लिया गया है। पाकिस्तान साथ लगते बार्डर की निगरानी बीएसएफ करती है। चीन के साथ लगती सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईटीबीपी की है। भविष्य के युद्ध में ड्रोन अहम भूमिका निभाने वाले हैं। भारत भी कई एडवांस तकनीक वाले ड्रोन खरीद रहा है। पहाड़ों में लड़ने की हमारी क्षमता की पूरी दुनिया कायल है। कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन हमारे जवानों के आगे वह टिक नहीं पाए। गलवान घाटी में हमारे जवानों की बहादुरी को भी पूरी दुनिया ने देखा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed