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आतंकियों के हाथों मारे गए सरकारी कर्मियों की विधवाओं के लिए विशेष पेंशन बहाल

Sat, 21 Oct 2017 08:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 21 Oct 2017 08:42 PM IST
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Special pension for widows of government employees killed by terrorists
Captain Amarinder Singh
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आतंकवादियों के हाथों मारे गए सरकारी कर्मचारियों की विधवाओं के लिए विशेष पारिवारिक पेंशन बहाल कर दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आतंकवाद के दौर में मारे गए पुलिस कर्मचारियों के परिवारों को लाल कार्ड स्कीम का लाभ देने की भी सहमति दे दी है।
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वर्ष 2016 में पिछली अकाली सरकार ने विशेष पेंशन स्कीम बंद कर दी थी और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सूबे में कांग्रेस की सरकार आने पर इस स्कीम को बहाल करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि इस स्कीम के अंतर्गत विधवा को उसकी मौत तक पेंशन मिलेगी, जबकि इससे पहले उसके दोबारा विवाह हो जाने तक पेंशन देने का उपबंध था। शहीद पुलिस कर्मचारियों के परिवारों की ओर से अपील से सहमति प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि उनको तुरंत प्रभाव से लाल कार्ड दिए जाएंगे, जो कि अब तक सिर्फ आतंकवाद पीड़ित आम नागरिकों को ही दिए जाते हैं।
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पंजाब पुलिस के बहादुरी और बलिदान भरे इतिहास का जिक्रकरते हुए मुख्यमंत्री ने आतंकवाद दौरान पंजाब द्वारा झेली कठिन परिस्थितियों और शांति की बहाली के लिए पुलिस की महान बलिदानों को याद किया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहीद परिवारों के साथ वादा किया कि हथियारबंद पुलिस में भर्ती, उनके बच्चों की तैनाती गृह जिलों के नजदीक करने संबंधी मांग को सरकार की ओर से सहानूभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
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1600 शहीदों के परिवारों को मिलेगा लाभ

Special pension for widows of government employees killed by terrorists
Captain Amarinder Singh - फोटो : File Photo
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा शुक्रवार को पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर में शहीदी दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर की। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पुलिस फोर्स के शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की और पुलिस के इतिहास में पहली बार शहीदों के परिवारों से बातचीत करने के अलावा ज्योति जगाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, अतिरिक्त  मुख्य सचिव (गृह) एनएस कलसी, डीजीपी (अमन एवं कानून) एचएस ढिल्लों, डीजीपी इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता, डीजीपी प्रशासन एमके तिवारी, डीजीपी जेल आईपीएस सहोता, डीजीपी प्रबंध और आधुनिकीकरण वीके भावरां, डीजीपी (आईवीसी) जसमिंदर सिंह, डीजीपी (एचआरडीएस चटोपाध्याय, एडीजीपी-कम-चीफ विजिलेंस डायरेक्टर बीके उप्पल, एडीजीपी -कम -डायरेक्टर जनरल होमगार्ड बीके बावा, एडीजीपी कल्याण संजीव कालड़ा, एडीजीपी नीति, नियम और यातायात शरद सत्या चौहान, एडीजीपी सुरक्षा गौरव यादव, एडीजीपी (पीएपी) कुलदीप सिंह और एडीजीपी मुख्यमंत्री/सुरक्षा ख़ूबी राम उपस्थित थे।

1600 शहीदों के परिवारों को मिलेगा लाभ
सूबे में एसपीओ और होमगार्ड सहित पुलिस के कुल 1600 शहीदों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस कर्मचारियों के परिवारों सहित शेष पुलिस फोर्स और उनके परिवारों के भलाई के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराया। कैप्टन ने बताया कि विशेष पारिवारिक पेंशन के लिए डीजीपी को जरूरी निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और इस स्कीम को आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई के दौरान मारे गए सरकारी कर्मचारी की विधवा या माता को पेंशन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पेंशन की राशि कर्मचारी की मृत्यु के समय उसके अंतिम वेतन के बराबर होगी। उन्होंने कहा कि शहीदों की विधवाएं परिवार का हिस्सा हैं और उनकी संभाल करना हमारा फर्ज है।
 
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