पंजाब: पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के आवास पहुंची एसआईटी, कोटकपूरा गोलीकांड मामले में होगी पूछताछ
अक्तूबर 2015 में हुए कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पूछताछ के लिए नौ जून को नई एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को समन भेजकर 16 जून को पेश होने को कहा था। सोमवार को बादल की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद शिअद की ओर से बयान दिया गया कि वह 22 जून को एसआईटी के समक्ष सेक्टर-4 स्थित विधायक आवास में एसआईटी के सवालों के जवाब देंगे।
विस्तार
कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पूछताछ करने के लिए एसआईटी मंगलवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिअद संरक्षक प्रकाश सिंह बादल के चंडीगढ़ स्थित आवास पहुंची। बादल का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसलिए वे चंडीगढ़ स्थित विधायक आवास में एसआईटी के सवालों के जवाब देंगे।
Chandigarh | Special Investigation Team (SIT) probing Kotkapura police firing case arrives at the official MLA flat of Shiromani Akali Dal patron & former Punjab CM Parkash Singh Badal
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He will appear before the SIT today. pic.twitter.com/GvjHwbB89H — ANI (@ANI) June 22, 2021
अक्तूबर 2015 में हुए कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पूछताछ के लिए नौ जून को नई एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को समन भेजकर 16 जून को पेश होने को कहा था। इस मामले में मोहाली में पूर्व मुख्यमंत्री से कुछ अहम बिंदुओं पर एसआईटी को पूछताछ करनी थी।
पिछले सोमवार को अचानक पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की तबीयत खराब हो गई। शिअद की ओर से उनकी खराब सेहत को लेकर बयान जारी किया गया था। जिसकी लिखित जानकारी एसआईटी को भी दे दी गई थी। फिर शिअद की ओर से बयान दिया गया कि वह 22 जून को एसआईटी के समक्ष सेक्टर-4 स्थित विधायक आवास में एसआईटी के सवालों के जवाब देंगे।
रविवार को फिर शिअद के वरिष्ठ नेता हरचरन बैंस ने ट्वीट कर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है, इसके बाद भी वह 22 जून को एसआईटी के सवालों के जवाब देंगे।
इसी साल अप्रैल में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कोटकपूरा गोलीकांड पर पेश की गई एसआईटी की जांच रिपोर्ट को रद्द कर दिया था और नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए एडीजीपी एलके यादव के नेतृत्व में नई एसआईटी का गठन किया गया था। इस टीम को छह माह में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। पूछताछ के पीछे का कारण यह है कि अक्तूबर, 2015 में कोटकपूरा गोलीकांड हुआ था, उस समय प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री थे।