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Chandigarh News: पराली जलाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान शुरू
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
राज्य में पराली जलाने की गंभीर समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत फसली अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) के बारे में जानकारी, विशेषज्ञों की सलाह और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच प्रदान करने के लिए 3,333 गांव स्तरीय शिविर और 296 ब्लॉक स्तरीय शिविर लगाए जाएंगे।
इसमें किसानों को टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने के लिए जागरूक किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रत्येक परिवार तक व्यक्तिगत रूप से संदेश पहुंचाने के लिए 148 आशा वर्करों को गांवों में घर-घर जागरूकता अभियान चलाने का काम सौंपा गया है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि विद्यार्थियों में छोटी उम्र से ही पर्यावरण चेतना विकसित करने के लिए उन्हें निबंध लेखन, पेंटिंग और विचार विमर्श प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना संपन्न संदेश प्रसारित करने के लिए 50 समर्पित प्रचार वैन तैनात की जाएंगी। 444 नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। पराली जलाने के नकारात्मक प्रभावों को उजागर करने के लिए पूरे राज्य में 12,500 सूचना संपन्न दीवार चित्र बनाए जाएंगे।
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लोगों का बेहतर स्वास्थ्य प्राथमिकता
खुड्डियां ने कहा कि हमारी मिट्टी और हमारे लोगों का स्वास्थ्य हमारी प्रमुख प्राथमिकता है। हम सीधे जमीनी स्तर पर गांवों, स्कूलों और घरों तक पहुंच बना रहे हैं, ताकि हमारे किसानों को फसली अवशेष प्रबंधन में आगे आने के लिए शिक्षित, सशक्त और प्रेरित किया जा सके। विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि वर्ष 2018-19 से अब तक राज्य के किसानों को कुल 1.58 लाख फसली अवशेष प्रबंधन मशीनें प्रदान की जा चुकी हैं।
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चंडीगढ़।
राज्य में पराली जलाने की गंभीर समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत फसली अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) के बारे में जानकारी, विशेषज्ञों की सलाह और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच प्रदान करने के लिए 3,333 गांव स्तरीय शिविर और 296 ब्लॉक स्तरीय शिविर लगाए जाएंगे।
इसमें किसानों को टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने के लिए जागरूक किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रत्येक परिवार तक व्यक्तिगत रूप से संदेश पहुंचाने के लिए 148 आशा वर्करों को गांवों में घर-घर जागरूकता अभियान चलाने का काम सौंपा गया है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि विद्यार्थियों में छोटी उम्र से ही पर्यावरण चेतना विकसित करने के लिए उन्हें निबंध लेखन, पेंटिंग और विचार विमर्श प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाएगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना संपन्न संदेश प्रसारित करने के लिए 50 समर्पित प्रचार वैन तैनात की जाएंगी। 444 नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। पराली जलाने के नकारात्मक प्रभावों को उजागर करने के लिए पूरे राज्य में 12,500 सूचना संपन्न दीवार चित्र बनाए जाएंगे।
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लोगों का बेहतर स्वास्थ्य प्राथमिकता
खुड्डियां ने कहा कि हमारी मिट्टी और हमारे लोगों का स्वास्थ्य हमारी प्रमुख प्राथमिकता है। हम सीधे जमीनी स्तर पर गांवों, स्कूलों और घरों तक पहुंच बना रहे हैं, ताकि हमारे किसानों को फसली अवशेष प्रबंधन में आगे आने के लिए शिक्षित, सशक्त और प्रेरित किया जा सके। विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि वर्ष 2018-19 से अब तक राज्य के किसानों को कुल 1.58 लाख फसली अवशेष प्रबंधन मशीनें प्रदान की जा चुकी हैं।