{"_id":"610c4a5b8ebc3ec1bf179bd0","slug":"sorry-for-not-winning-the-medal-but-the-effort-will-continue-anjum-moudgil-chandigarh-news-pkl422569455","type":"story","status":"publish","title_hn":"पदक नहीं जीत पाने का मलाल, पर कोशिश जारी रहेगी : अंजुम मोदगिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पदक नहीं जीत पाने का मलाल, पर कोशिश जारी रहेगी : अंजुम मोदगिल
विज्ञापन
टोक्यो ओलंपिक से लौटी अंजुम मोदगिल का स्वागत करते परिवार के सदस्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। टोक्यो ओलंपिक में महज 4 अंक से फाइनल राउंड में पहुंचने से चूकने वाली शहर की निशानेबाज अंजुम मोदगिल वीरवार को सेक्टर-37 स्थित अपने घर पहुंच गईं। परिवार ने घर पहुंचने पर उनका स्वागत किया। बिना पदक घर पहुंचना उनके लिए निराशजनक जरूर था। वहीं उनके मन में ओलंपियन का टैग होने के संतोष और गर्व के वे भाव थे, जिसका सपना हर खिलाड़ी देखता है। घर वापसी उन्हें ओलंपियन बना चुकी थी।
अंजुम ने अपने ओलंपिक के सफर में बारे में बताया कि यह मुकाबला भी अन्य निशानेबाजी के मुकाबलों की तरह ही था, लेकिन इसके साथ ओलंपिक का नाम जुड़ने से यह बड़ा बन गया। हम सब नए थे, लेकिन अपनी तरफ से सभी ने सौ फीसदी कोशिश की। शायद वो दिन मेरा नहीं था, इसलिए मैं सही निशाना लगाने से चूक गई। इस मुकाबले से काफी कुछ नया सीखने को मिला, जिसका फायदा आगामी हर टूर्नामेंट में मिलेगा।
हार से भी काफी कुछ नया सीखा : अंजुम
अंजुम ने कहा कि पूरे देश को सबसे ज्यादा निशानेबाजी से ही उम्मीदें थी और इस बार पहले के मुकाबले बड़ी संख्या में निशानेबाजों ने हिस्सा लिया था। हार तो हुई है और यह हार स्वीकार भी है, लेकिन इस हार से काफी कुछ नया सीखने को मिला है। हमेशा जीतते रहना जरूरी नहीं है, कुछ हार ऐसी भी होती है जो काफी कुछ नया सिखा जाती है। मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं पदक नहीं जीत सकी, लेकिन बेहतर करने का प्रयास जारी रखूंगी। भारतीय हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने पर बधाई देते कहा कि टीम शानदार खेली।
विज्ञापन
इस कारण से शूट से चूकीं : मोदगिल
अंजुम के मुताबिक समुद्र पास होने की वजह से वहां पर गर्मी काफी थी। क्वालीफाई राउंड में शुरू के दो शॉट खराब गए थे। उसके बाद सभी शॉट बिल्कुल ठीक थे, लेकिन शुरुआती दो खराब शॉट की भरपाई नहीं हो सकी और फाइनल में जगह बनाने से सिर्फ चार अंकों से चूक गई। मैच के बाद बहुत निराशा हुई, क्योंकि चार अंक से फाइनल में जगह नहीं बना सकी, जबकि यह चार अंक हासिल किए जा सकते थे।
विज्ञापन
अंजुम ने अपने ओलंपिक के सफर में बारे में बताया कि यह मुकाबला भी अन्य निशानेबाजी के मुकाबलों की तरह ही था, लेकिन इसके साथ ओलंपिक का नाम जुड़ने से यह बड़ा बन गया। हम सब नए थे, लेकिन अपनी तरफ से सभी ने सौ फीसदी कोशिश की। शायद वो दिन मेरा नहीं था, इसलिए मैं सही निशाना लगाने से चूक गई। इस मुकाबले से काफी कुछ नया सीखने को मिला, जिसका फायदा आगामी हर टूर्नामेंट में मिलेगा।
विज्ञापन
हार से भी काफी कुछ नया सीखा : अंजुम
अंजुम ने कहा कि पूरे देश को सबसे ज्यादा निशानेबाजी से ही उम्मीदें थी और इस बार पहले के मुकाबले बड़ी संख्या में निशानेबाजों ने हिस्सा लिया था। हार तो हुई है और यह हार स्वीकार भी है, लेकिन इस हार से काफी कुछ नया सीखने को मिला है। हमेशा जीतते रहना जरूरी नहीं है, कुछ हार ऐसी भी होती है जो काफी कुछ नया सिखा जाती है। मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं पदक नहीं जीत सकी, लेकिन बेहतर करने का प्रयास जारी रखूंगी। भारतीय हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने पर बधाई देते कहा कि टीम शानदार खेली।
विज्ञापन
इस कारण से शूट से चूकीं : मोदगिल
अंजुम के मुताबिक समुद्र पास होने की वजह से वहां पर गर्मी काफी थी। क्वालीफाई राउंड में शुरू के दो शॉट खराब गए थे। उसके बाद सभी शॉट बिल्कुल ठीक थे, लेकिन शुरुआती दो खराब शॉट की भरपाई नहीं हो सकी और फाइनल में जगह बनाने से सिर्फ चार अंकों से चूक गई। मैच के बाद बहुत निराशा हुई, क्योंकि चार अंक से फाइनल में जगह नहीं बना सकी, जबकि यह चार अंक हासिल किए जा सकते थे।