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फ्रांस जाने के लिए लगाई तिकड़म.. नाटक में दिखाई कहानी
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चंडीगढ़। पंजाब कला भवन सेक्टर-16 में चल रहे अजमेर औलख थिएटर फेस्टिवल में सोमवार को नाटक सोफिया का मंचन किया गया। नाटक को अंजूप्रीत ने लिखा और निर्देशन डॉ. कुलबीर कौर विर्क ने किया। मेहताब आर्ट सोसाइटी के कलाकारों ने नाटक में प्रस्तुति दी।
नाटक की कहानी में दिखाया गया कि पंजाब के लुधियाना की एक लड़की 20 साल से फ्रांस में रह रही है। वह पेशे से एक वकील है। उसकी पंजाब से फ्रांस आए पंजाबी युवक राज से मुलाकात हो जाती है। फ्रांस में स्थायी रूप से रहने के लिए पीआर पाने का सपना लेकर वह सोफिया से प्यार का इजहार करने के लिए रोजाना मिलना शुरू कर देता है। वहीं सोफिया को भी धीरे-धीरे उससे प्यार हो जाता है। दोनों शादी कर लेते हैं।
इसके बाद राज कुछ महीनों के लिए अकेला पंजाब जाता है। जब वह लौटता है तो एक दिन उसकी अलमारी से सोफिया को राज और उसके साथ एक लड़की की शादी की सीडी और तस्वीरें हाथ लग जाती हैं। राज के पंजाब में पहले से ही शादीशुदा होने का जानने के बाद वह पागल जैसे स्थिति में अपना घर छोड़कर इधर-उधर घूमने लगती है। ऐसे ही दो साल गुजर जाते हैं, पर वह राज को मन से भुला नही पाती। इधर, एक दिन उसे राज का फोन आता है तो वह खुश हो जाती है।
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वहीं असल में राज पंजाब से अपनी पत्नी को लेकर फ्रांस आ जाता है और वह सोफिया से वह कागज निकलवाना चाहता है, जिसमें उसकी शादी उससे हुई थी। इस कागज के दम पर वह पंजाब से लाई अपनी पत्नी को फ्रांस में पक्का करना चाहता था। सोफिया को यह बात पता नहीं होती। वह तो यह सोचती है कि राज सब कुछ छोड़कर उसकी जिंदगी में दोबारा वापस आ गया है। यह जानने के लिए जब वह राज की ओर से दिए पते पर पहुंचती है तो वहां राज और उसके साथ उसकी पत्नी की तस्वीर दीवार पर लगी हुई देखकर हैरान हो जाती है।
सोफिया को सदमे से उभारने में मदद करती है सहेली
घर पर राज अपनी पत्नी के साथ मौजूद होता हैं। इस बात से उसे गहरा सदमा लगता है और वह एक मोहल्ले में कई दिनों तक पागलों की तरह बैठी रहती है। इस दौरान वहां से गुजरने वाली उसकी एक सहेली उसे पहचान लेती है। सारी घटना जानने के बाद वह सोफिया को सदमे से उभारने में हरसंभव कोशिश करती है। उसे अहसास कराती है कि वह कामयाब वकील है। काफी दिनों तक समझाने की कोशिश के बाद आखिर सोफिया को अहसास हो जाता है कि जिसे वह दिल से प्यार करती थी, वह तो उसका फायदा उठाना चाहता था। इसके बाद वह ठान लेती है कि सब कुछ भुलाकर फिर से अपनी जिदंगी दोबारा शुरू कर मजबूत इरादों वाली लड़की बनेगी।
इन कलाकारों ने किया अभिनय
सोफिया : राही बग्गा
राज : मेहताब विर्क
पंजाबी पत्नी : दिया शर्मा
पंजाबी मां : डॉ. कुलबीर विर्क
लाइट : हरप्रीत विर्क, संगीत : जसन
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नाटक की कहानी में दिखाया गया कि पंजाब के लुधियाना की एक लड़की 20 साल से फ्रांस में रह रही है। वह पेशे से एक वकील है। उसकी पंजाब से फ्रांस आए पंजाबी युवक राज से मुलाकात हो जाती है। फ्रांस में स्थायी रूप से रहने के लिए पीआर पाने का सपना लेकर वह सोफिया से प्यार का इजहार करने के लिए रोजाना मिलना शुरू कर देता है। वहीं सोफिया को भी धीरे-धीरे उससे प्यार हो जाता है। दोनों शादी कर लेते हैं।
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इसके बाद राज कुछ महीनों के लिए अकेला पंजाब जाता है। जब वह लौटता है तो एक दिन उसकी अलमारी से सोफिया को राज और उसके साथ एक लड़की की शादी की सीडी और तस्वीरें हाथ लग जाती हैं। राज के पंजाब में पहले से ही शादीशुदा होने का जानने के बाद वह पागल जैसे स्थिति में अपना घर छोड़कर इधर-उधर घूमने लगती है। ऐसे ही दो साल गुजर जाते हैं, पर वह राज को मन से भुला नही पाती। इधर, एक दिन उसे राज का फोन आता है तो वह खुश हो जाती है।
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वहीं असल में राज पंजाब से अपनी पत्नी को लेकर फ्रांस आ जाता है और वह सोफिया से वह कागज निकलवाना चाहता है, जिसमें उसकी शादी उससे हुई थी। इस कागज के दम पर वह पंजाब से लाई अपनी पत्नी को फ्रांस में पक्का करना चाहता था। सोफिया को यह बात पता नहीं होती। वह तो यह सोचती है कि राज सब कुछ छोड़कर उसकी जिंदगी में दोबारा वापस आ गया है। यह जानने के लिए जब वह राज की ओर से दिए पते पर पहुंचती है तो वहां राज और उसके साथ उसकी पत्नी की तस्वीर दीवार पर लगी हुई देखकर हैरान हो जाती है।
सोफिया को सदमे से उभारने में मदद करती है सहेली
घर पर राज अपनी पत्नी के साथ मौजूद होता हैं। इस बात से उसे गहरा सदमा लगता है और वह एक मोहल्ले में कई दिनों तक पागलों की तरह बैठी रहती है। इस दौरान वहां से गुजरने वाली उसकी एक सहेली उसे पहचान लेती है। सारी घटना जानने के बाद वह सोफिया को सदमे से उभारने में हरसंभव कोशिश करती है। उसे अहसास कराती है कि वह कामयाब वकील है। काफी दिनों तक समझाने की कोशिश के बाद आखिर सोफिया को अहसास हो जाता है कि जिसे वह दिल से प्यार करती थी, वह तो उसका फायदा उठाना चाहता था। इसके बाद वह ठान लेती है कि सब कुछ भुलाकर फिर से अपनी जिदंगी दोबारा शुरू कर मजबूत इरादों वाली लड़की बनेगी।
इन कलाकारों ने किया अभिनय
सोफिया : राही बग्गा
राज : मेहताब विर्क
पंजाबी पत्नी : दिया शर्मा
पंजाबी मां : डॉ. कुलबीर विर्क
लाइट : हरप्रीत विर्क, संगीत : जसन