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पंजाब कांग्रेस का घमासान: विरोध कैप्टन के कामकाज का नहीं, सीएमओ में अपने रुके कामों से नाराज हैं बागी
Thu, 26 Aug 2021 10:44 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 26 Aug 2021 10:44 AM IST
सार
सीएमओ के सूत्रों के अनुसार जिन मंत्रियों और विधायकों ने कैप्टन के प्रति अविश्वास जताया है, उनके अपने कई काम लंबे समय से सीएमओ और अन्य विभागों में अटके हुए हैं।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब में कैप्टन सरकार कार्यकाल खत्म होने के पहले जिस उठापटक का सामना कर रही है, उस पर लगाम लगाने का हाईकमान भरसक प्रयास कर रहा है। पंजाब सरकार में मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा ने मंगलवार को कैप्टन के खिलाफ बयान जारी करते हुए कुछ बागी विधायकों के साथ उनके कामकाज की शैली पर सवाल उठाए थे। तृप्त बाजवा और अन्य नाराज नेताओं का कहना था कि कैप्टन जनता से किए वादे पूरे नहीं कर रहे। हालांकि सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी की वजह कुछ और ही है।
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सीएमओ के सूत्रों के अनुसार जिन मंत्रियों और विधायकों ने कैप्टन के प्रति अविश्वास जताया है, उनके अपने कई काम लंबे समय से सीएमओ और अन्य विभागों में अटके हुए हैं। उनमें कैप्टन को लेकर इसी बात की नाराजगी है कि उनके काम नहीं हो रहे। सीएमओ के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ज्यादातर विधायक अपने चहेतों को ऊंचे ओहदों पर नियुक्त कराने, पसंदीदा अधिकारियों को अपने हलकों में तैनात कराने या नापंसद अफसरों को हटवाने की सिफारिशें लेकर आते रहे हैं। ज्यादातर मामलों में मुख्यमंत्री ही अंतिम फैसला लेते हैं। जाहिर है, अपनी सिफारिशें और काम अटकने से कई विधायक और मंत्री नाराज हैं।
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कैप्टन के बचाव में उतरीं पत्नी परनीत कौर
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बचाव में उनकी सांसद पत्नी परनीत कौर मैदान में उतर आई हैं। परनीत कौर ने कहा कि कांग्रेस में अंदरूनी बगावत के लिए पूरी तरह से पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू जिम्मेदार हैं। ऊपर से सिद्धू के सलाहकार भी शर्मनाक टिप्पणी कर रहे हैं। इसलिए कांग्रेस हाईकमान को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कैप्टन का विरोध कर रहे विधायकों को साफ शब्दों में कहा कि किसी के कहने से मुख्यमंत्री नहीं बदला करता। एक सवाल के जवाब में परनीत ने माना कि बिना शक कांग्रेस पार्टी में बगावत के लिए नवजोत सिंह सिद्धू जिम्मेदार हैं। उन्होंने ही यह सब शुरू किया और अब यह उनके सलाहकार ही हैं, जो ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। जबकि सीएम ने उदारता दिखाते हुए सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के हाईकमान के फैसले को माना।
उन्होंने कैप्टन का विरोध कर रहे विधायकों को साफ शब्दों में कहा कि किसी के कहने से मुख्यमंत्री नहीं बदला करता। एक सवाल के जवाब में परनीत ने माना कि बिना शक कांग्रेस पार्टी में बगावत के लिए नवजोत सिंह सिद्धू जिम्मेदार हैं। उन्होंने ही यह सब शुरू किया और अब यह उनके सलाहकार ही हैं, जो ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। जबकि सीएम ने उदारता दिखाते हुए सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के हाईकमान के फैसले को माना।
कैप्टन को हटाना आसान नहीं, जानें-कांग्रेस विधायकों का गणित
मंगलवार को जब हाईकमान ने नवजोत सिद्धू को उनके सलाहकारों की टिप्पणियों पर जवाब तलबी के लिए दिल्ली बुलाया तो विरोधी गुट ने आनन-फानन तृप्त बाजवा के आवास पर बैठक कर कैप्टन को हटाने की मुहिम छेड़ दी लेकिन विरोधी गुट अपनी इस मुहिम में भी मात खा गया क्योंकि पंजाब में इस समय कांग्रेस के 80 विधायक (77 विधायक और 3 आप से आए) हैं। 17 मंत्रियों में से केवल चार ही विरोध में दिखाई दे रहे हैं। तृप्त बाजवा के घर जुटे 26 विधायकों में से 7 विधायकों ने 24 घंटे के भीतर ही घोषणा कर दी कि वे कैप्टन के साथ हैं। इस तरह मात्र 23 विधायक और पार्टी प्रधान सिद्धू (कुल 24) के लिए संभव नहीं है कि वे मुख्यमंत्री के खिलाफ संख्या बल दिखा सकें।