फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Social worker bhavesh pipaliya, message of environment

6 महीने के भारत भ्रमण पर निकला पोलियोग्रस्त युवक, 18000 Km का सफर

Tue, 26 Dec 2017 06:12 PM IST
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Dec 2017 06:12 PM IST
विज्ञापन
Social worker bhavesh pipaliya, message of environment
Bhawesh Pipliya - फोटो : अमर उजाला
हौसले बुलंद हों तो कामयाबी मिलती ही है। इसे वास्तविक जीवन में सच साबित किया है गुजरात के रहने वाले 32 वर्षीय भावेश पिपलिया ने। भावेश ने देशभर में पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है।
विज्ञापन


साइकिल पर पूरे देश में 12 हजार किलोमीटर की यात्रा करने के बाद भावेश अब चार पहिया की बाइक पर जम्मू से कन्याकुमारी तक भ्रमण के लिए निकल पड़े हैं। एक साल में पोलियो की वजह से भावेश के दोनों पैर खराब हो गए। वे 80 फीसदी दिव्यांग हैं, इसके बाद भी उनके हौसल कम नहीं हैं। भावेश सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव के बारे में बताया।
विज्ञापन


15 दिसंबर से शुरू हुई थी यात्रा
भावेश की इस यात्रा को 15 दिसंबर को जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। वे पंजाब के 11 जिलों में भ्रमण करते हुए चंडीगढ़ पहुंचे हैं। इसके बाद हरियाणा के 12 जिलों से होते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि के बाद कन्याकुमारी पहुंचेंगे। यह पूरी यात्रा 6 महीने में खत्म होगी। वे करीब 18 हजार किलोमीटर का सफर तय करेंगे। भावेश के भारत भ्रमण का उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जन-जागृति फैलाना और विकलांगों के हक की मांग करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोग पूछते हैं- तनख्वाह कितनी मिलती है

Social worker bhavesh pipaliya, message of environment
Bhawesh Pipliya
लोग पूछते हैं- तनख्वाह कितनी मिलती है
अपने कड़वे अनुभवों के बारे में हुए भावेश ने बताया कि कभी-कभी लोग उनके पास आते हैं और पूछने लगते है कि क्या बेच रहे हो? इसके लिए तुम्हें कितनी सैलरी मिलती है? भावेश कहते हैं कि कई बार लोगों को समझाने के बाद भी वे नहीं समझते हैं। वे फिर भी जगह-जगह रुककर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करते रहेंगे।

अर्धशास्त्र में ग्रेजुएट, अपने खर्चे पर यात्रा
सूरत के रहने वाले भावेश ने बताया कि वे अर्थशास्त्र में ग्रेजुएट हैं। वे वहां पर मोबाइल फोन की दुकान चलाते हैं। वे बहुत पहले ही भारत भ्रमण पर निकलना चाहते थे, लेकिन परिजन की सहमति नहीं मिल सकी थी।

भावेश ने बताया कि दिन में सिर्फ 70 से 100 किमी के बीच ही सफर करते हैं। उसके बाद वो किसी धर्मशाला में रुकते हैं। मोबाइल पर उस शहर के बारे में जानकारी निकालते हैं और फिर प्रसिद्ध जगहों पर जाकर बैनर व पोस्टरों के साथ लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed