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Golden Temple में योग करने वाली युवती पर FIR, अमृतसर पुलिस ने दर्ज किया धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस
सार
गुजरात के वड़ोदरा की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना के खिलाफ अमृतसर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। अर्चना मकवाना ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन गोल्डन टेंपल में योगासन किया था।
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अर्चना मकवाना
- फोटो : सोशल मीडिया।
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अमृतसर के गोल्डन टेंपल में योग करने वाली युवती अर्चना मकवाना की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गुजरात की अर्चना मकवाला ने 21 जून को श्री हरिमंदिर साहिब में योग किया था, जिसकी उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ फोटो और वीडियो भी शेयर किए थे। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने ऐतराज जताया था। वहीं, अब लाइफस्टाइल व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना के खिलाफ अमृतसर के कोतवाली थाना पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में आईपीसी की धारा 295-ए के तहत एफआईआर दर्ज की है। युवती के खिलाफ गोल्डन टेंपल के मैनेजर भगवंत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी है।
थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उस जगह का मुआयना भी किया जा रहा है, जहां पर बैठकर युवती ने योग किया था। उस जगह पर तैनात टास्क फोर्स के सुरक्षा कर्मियों से भी बात की जा रही है कि घटना वाले दिन और समय वह कहां पर उपस्थित थे।
एसजीपीसी ने दिए जांच के आदेश
एसजीपीसी ने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि जब परिसर में योग करते समय फोटो खींचे जा रहे थे तो एसजीपीसी की टास्क फोर्स ने उसे रोका क्यों नहीं, उस समय ड्यूटी कर रहे तीन कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया है, जबकि दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही एक कर्मचारी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही उसका तबादल गुरुद्वारा गढ़ी साहिब (गुरदासनंगल) कर दिया गया है। इसके साथ ही युवती के खिलाफ जांच की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसी गलती फिर नहीं होगी
पेशे से फैशन डिजाइनर गुजरात के वडोदरा निवासी युवती अर्चना ने विरोध का पता चलने पर 22 जून को सोशल मीडिया पर ही माफी मांग ली और फोटो भी हटा दिए। अर्चना ने लिखा-मेरा इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। अगर ऐसा हुआ है तो सभी से माफी मांगती हूं। मैं इस बात से अंजान थी कि श्री हरिमंदिर साहिब में योग करना अपराध समतुल्य है। मैं भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल में ऐसी गलती नहीं करूंगी।
सिख मर्यादा के खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त नहीं: धामी
एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि जो बातें सिख धार्मिक मर्यादा के खिलाफ हैं, उनकी इजाजत नहीं दी जा सकती। जांच करवाई जा रही है कि लड़की वाकई अंजान थी या उसने सब कुछ जानबूझकर किया है।
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थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उस जगह का मुआयना भी किया जा रहा है, जहां पर बैठकर युवती ने योग किया था। उस जगह पर तैनात टास्क फोर्स के सुरक्षा कर्मियों से भी बात की जा रही है कि घटना वाले दिन और समय वह कहां पर उपस्थित थे।
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एसजीपीसी ने दिए जांच के आदेश
एसजीपीसी ने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि जब परिसर में योग करते समय फोटो खींचे जा रहे थे तो एसजीपीसी की टास्क फोर्स ने उसे रोका क्यों नहीं, उस समय ड्यूटी कर रहे तीन कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया है, जबकि दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही एक कर्मचारी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही उसका तबादल गुरुद्वारा गढ़ी साहिब (गुरदासनंगल) कर दिया गया है। इसके साथ ही युवती के खिलाफ जांच की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसी गलती फिर नहीं होगी
पेशे से फैशन डिजाइनर गुजरात के वडोदरा निवासी युवती अर्चना ने विरोध का पता चलने पर 22 जून को सोशल मीडिया पर ही माफी मांग ली और फोटो भी हटा दिए। अर्चना ने लिखा-मेरा इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। अगर ऐसा हुआ है तो सभी से माफी मांगती हूं। मैं इस बात से अंजान थी कि श्री हरिमंदिर साहिब में योग करना अपराध समतुल्य है। मैं भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल में ऐसी गलती नहीं करूंगी।
सिख मर्यादा के खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त नहीं: धामी
एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि जो बातें सिख धार्मिक मर्यादा के खिलाफ हैं, उनकी इजाजत नहीं दी जा सकती। जांच करवाई जा रही है कि लड़की वाकई अंजान थी या उसने सब कुछ जानबूझकर किया है।