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चंडीगढ़ में स्मार्ट पार्किंग के लिए 5 कंपनियां तैयार, दी प्रेजेंटेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 Mar 2016 09:00 AM IST
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मेयर अरुण सूद
- फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ नगर निगम अब विज्ञापन के साथ पेड पार्किंग स्थल निजी कंपनियों को चलाने की मंजूरी देने के लिए तैयार हो गए हैं। मेयर अरुण सूद के दबाव में अधिकारी तैयार हुए हैं, जबकि पहले अधिकारी इसके लिए तैयार नहीं थे। इस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट मंगवाया था जिसमें स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट के लिए
पांच कंपनियों ने आवेदन किया था। मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर ने इन सभी कंपनियों केप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें कंपनियों ने बताया कि शहर की पेड पार्किंग को चलाने के लिए वह आधुनिक उपकरण लगाएंगे, जिससे पार्किंग में इस समय जो भी परेशानियां आ रही हैं वे दूर हो जाएंगी।
इस समय शहर में 9 पेड पार्किंग खाली पड़ी हैं, जिसे नगर निगम फिर से नीलामी नहीं करवा पा रहा है क्योंकि मेयर ने कंपनियों को पेड पार्किंग देने के लिए प्रोजेक्ट पर काम करने केलिए कहा है। मालूम हो कि इससे पहले इस मुद्दे के लिए गठित कमेटी ने भी यह सिफारिश की थी जिसे पूर्व कमिश्नर भावना गर्ग ने खारिज कर दिया था। उस समय अधिकारियों का मानना था कि इससे विज्ञापन की मंजूरी देकर शहर की सूरत खराब हो जाएगी।
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किस किस कंपनी ने दिया प्रेजेंटेशन
मैक इंफ्रा इजीवे, यूएमटीएस, मेट्रो इंफ्रा, टैक एसआईएस और कैप्सन कंपनियों ने स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट के लिए प्रजेंटेशन दिया है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार जिस कंपनी की बेहतर प्रजेंटेशन अच्छी होगी, उसे पेड पार्किंग चलाने के लिए दी जाएगी।
कंसल्टेंसी कंपनी ने पानी की आय को काफी कम बताया
स्मार्ट सिटी के संशोधित प्रस्ताव में कोई खामी न रह जाए इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों के साथ कंसल्टेंसी कंपनी ने बैठक की। बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि पानी से होने वाली आय काफी कम है, उसे बढ़ाने की जरूरत है। इस समय पानी की सप्लाई से नगर निगम को हर साल 58 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।
मालूम हो कि टाप-20 में आने के लिए भी जब प्रशासन मंथन कर रहा था तो भी यह मुद्दा आया था। उस समय पानी का रेट बढ़ाने के लिए नगर निगम को कहा गया था लेकिन मेयर सहित पार्षद इसके लिए तैयार नहीं हुए। अब इन खामियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिस पर बुधवार को गृह सचिव अनुराग अग्रवाल के साथ कंपनी की बैठक होनी है। इन खामियों को दूर करके यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाना है।
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पांच कंपनियों ने आवेदन किया था। मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर ने इन सभी कंपनियों केप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें कंपनियों ने बताया कि शहर की पेड पार्किंग को चलाने के लिए वह आधुनिक उपकरण लगाएंगे, जिससे पार्किंग में इस समय जो भी परेशानियां आ रही हैं वे दूर हो जाएंगी।
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इस समय शहर में 9 पेड पार्किंग खाली पड़ी हैं, जिसे नगर निगम फिर से नीलामी नहीं करवा पा रहा है क्योंकि मेयर ने कंपनियों को पेड पार्किंग देने के लिए प्रोजेक्ट पर काम करने केलिए कहा है। मालूम हो कि इससे पहले इस मुद्दे के लिए गठित कमेटी ने भी यह सिफारिश की थी जिसे पूर्व कमिश्नर भावना गर्ग ने खारिज कर दिया था। उस समय अधिकारियों का मानना था कि इससे विज्ञापन की मंजूरी देकर शहर की सूरत खराब हो जाएगी।
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किस किस कंपनी ने दिया प्रेजेंटेशन
मैक इंफ्रा इजीवे, यूएमटीएस, मेट्रो इंफ्रा, टैक एसआईएस और कैप्सन कंपनियों ने स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट के लिए प्रजेंटेशन दिया है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार जिस कंपनी की बेहतर प्रजेंटेशन अच्छी होगी, उसे पेड पार्किंग चलाने के लिए दी जाएगी।
कंसल्टेंसी कंपनी ने पानी की आय को काफी कम बताया
स्मार्ट सिटी के संशोधित प्रस्ताव में कोई खामी न रह जाए इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों के साथ कंसल्टेंसी कंपनी ने बैठक की। बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि पानी से होने वाली आय काफी कम है, उसे बढ़ाने की जरूरत है। इस समय पानी की सप्लाई से नगर निगम को हर साल 58 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।
मालूम हो कि टाप-20 में आने के लिए भी जब प्रशासन मंथन कर रहा था तो भी यह मुद्दा आया था। उस समय पानी का रेट बढ़ाने के लिए नगर निगम को कहा गया था लेकिन मेयर सहित पार्षद इसके लिए तैयार नहीं हुए। अब इन खामियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिस पर बुधवार को गृह सचिव अनुराग अग्रवाल के साथ कंपनी की बैठक होनी है। इन खामियों को दूर करके यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाना है।