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रिसर्च, स्ट्रेस देता है त्वचा संबंधी बीमारियों को दावत
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 13 Mar 2014 12:24 PM IST
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मानसिक तनाव यानी बीमारियों को दावत...। यह सिर्फ दिमाग को ही परेशान नहीं करता, बल्कि आपकी त्वचा को भी नुकसान पहुंचाता है। अभी परीक्षाएं चल रही हैं।
ऐसे में सात से 17 साल तक के ज्यादा बच्चे तनाव से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि, नौकरी-पेशा वाले और गृहिणियों में भी ऐसे केस आते हैं।
ट्राइको टिलोमेनिया एंजाइटी इन पल्स कंट्रोल डिसआर्डर...। यह एक मानसिक बीमारी है, जो तनाव की वजह से ही होती है। इस केस में पीड़ित अक्सर अपने बाल खींचने लगते हैं और धीरे-धीरे यह आदत बन जाती है।
गंजेपन और बालों की झड़ने की समस्या लेकर लोग बच्चों को स्किन स्पेशलिस्ट के पास आते हैं और क्लीनिकल एग्जामिनेशन व मरीज की पर्सनल हिस्ट्री से पता चलता है कि वह मानसिक बीमारी से ग्रसित है।
ऐसी स्थिति में स्किन स्पेशलिस्ट के साथ-साथ मनोरोग चिकित्सक से भी उपचार कराना पड़ता है। इस बीमारी से पीड़ित सात से 17 साल के बच्चों की तादात अचानक दो माह में बढ़ी है। पिछले माह में सिर्फ नेशनल स्किन हास्पिटल में इस तरह के 35-40 के स पहुंचे।
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ट्राइको टिलोमेनिया के लक्षण
- जगह-जगह बाल कम होना।
- मरीज को महसूस होना कि बाल झड़ रहे हैं।
ओनाइको टिलोमेनिया
तनाव की वजह से अक्सर लोग नाखून चबाते और मोड़ते हैं। इससे नाखून पर निशान और उसके आसपास की त्वचा खराब होने लगती है।
लक्षण
- नाखून के ऊपर गड्ढा पड़ना।
- नाखून पर लाइन पड़ना।
- नाखून की ग्रोथ रेट कम होना।
- नाखून के आसपास की त्वचा का फटना
लाइकन सिमप्लेक्स क्रानिक्स
एडमिनिस्ट्रेटिव जॉब वाले इस बीमारी की चपेट में ज्यादा आते हैं। नेशनल स्किन हॉस्पिटल में छह माह में ऐसे करीब 700 केस आए हैं। लाइकन सिमप्लेक्स क्रानिक्स से पीड़ित लोग गले या उसके आसपास खुजलाते रहते हैं और धीरे-धीरे खारिश ज्यादा होने लगती है। खुजलाने वाली जगह पर एक साइकल (एग्जीमा) जैसा बन जाता है।
कोट्स
डिप्रेशन और स्ट्रेश की वजह से स्किन ट्राइको टिलोमेनिया, अनाइको टिलोमेनिया जैसी बीमारियां होती हैं। एक माह से सात से 17 साल के बच्चों के 35 से 40 केस आ रहे है और ज्यादातर मरीज बोर्ड परीक्षा देने वाले होते हैं। इसके अलावा लाइकन सिमप्लेक्स क्रानिक्स के छह माह में करीब 700 केस आए हैं। इनमें एडमिनिस्ट्रेटिव जॉब वालों के केस ज्यादा हैं।
- डा. विकास शर्मा, स्किन स्पेशलिस्ट, नेशनल स्किन हास्पिटल, एमडीसी सेक्टर-5
तनाव के कारण त्वचा से संबंधित होने वाली बीमारियों के हर माह 35-40 केस पहुंचते हैं। इनमें ज्यादातर केस सिमल्लेक्स क्रानिक्स स्किन के होते हैं। इसके अलावा ट्राइको टिलोमेनिया, अनाइको टिलोमेनिया के भी केस आते हैं।
- डा. राजीव कौड़ा, स्किन स्पेशलिस्ट, जनरल अस्पताल, सेक्टर-6
एंजाइटी इन पल्स डिसआर्डर एक मानसिक बीमारी है। इससे पीड़ित मरीज अक्सर बाल खींचते रहते हैं। ऐसे मरीजों को मनोरोग चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
- डा. राजीव त्रेहन, मनोराग विशेषज्ञ, जनरल अस्पताल, सेक्टर-6
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ऐसे में सात से 17 साल तक के ज्यादा बच्चे तनाव से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि, नौकरी-पेशा वाले और गृहिणियों में भी ऐसे केस आते हैं।
ट्राइको टिलोमेनिया एंजाइटी इन पल्स कंट्रोल डिसआर्डर...। यह एक मानसिक बीमारी है, जो तनाव की वजह से ही होती है। इस केस में पीड़ित अक्सर अपने बाल खींचने लगते हैं और धीरे-धीरे यह आदत बन जाती है।
गंजेपन और बालों की झड़ने की समस्या लेकर लोग बच्चों को स्किन स्पेशलिस्ट के पास आते हैं और क्लीनिकल एग्जामिनेशन व मरीज की पर्सनल हिस्ट्री से पता चलता है कि वह मानसिक बीमारी से ग्रसित है।
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ऐसी स्थिति में स्किन स्पेशलिस्ट के साथ-साथ मनोरोग चिकित्सक से भी उपचार कराना पड़ता है। इस बीमारी से पीड़ित सात से 17 साल के बच्चों की तादात अचानक दो माह में बढ़ी है। पिछले माह में सिर्फ नेशनल स्किन हास्पिटल में इस तरह के 35-40 के स पहुंचे।
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ट्राइको टिलोमेनिया के लक्षण
- जगह-जगह बाल कम होना।
- मरीज को महसूस होना कि बाल झड़ रहे हैं।
ओनाइको टिलोमेनिया
तनाव की वजह से अक्सर लोग नाखून चबाते और मोड़ते हैं। इससे नाखून पर निशान और उसके आसपास की त्वचा खराब होने लगती है।
लक्षण
- नाखून के ऊपर गड्ढा पड़ना।
- नाखून पर लाइन पड़ना।
- नाखून की ग्रोथ रेट कम होना।
- नाखून के आसपास की त्वचा का फटना
लाइकन सिमप्लेक्स क्रानिक्स
एडमिनिस्ट्रेटिव जॉब वाले इस बीमारी की चपेट में ज्यादा आते हैं। नेशनल स्किन हॉस्पिटल में छह माह में ऐसे करीब 700 केस आए हैं। लाइकन सिमप्लेक्स क्रानिक्स से पीड़ित लोग गले या उसके आसपास खुजलाते रहते हैं और धीरे-धीरे खारिश ज्यादा होने लगती है। खुजलाने वाली जगह पर एक साइकल (एग्जीमा) जैसा बन जाता है।
कोट्स
डिप्रेशन और स्ट्रेश की वजह से स्किन ट्राइको टिलोमेनिया, अनाइको टिलोमेनिया जैसी बीमारियां होती हैं। एक माह से सात से 17 साल के बच्चों के 35 से 40 केस आ रहे है और ज्यादातर मरीज बोर्ड परीक्षा देने वाले होते हैं। इसके अलावा लाइकन सिमप्लेक्स क्रानिक्स के छह माह में करीब 700 केस आए हैं। इनमें एडमिनिस्ट्रेटिव जॉब वालों के केस ज्यादा हैं।
- डा. विकास शर्मा, स्किन स्पेशलिस्ट, नेशनल स्किन हास्पिटल, एमडीसी सेक्टर-5
तनाव के कारण त्वचा से संबंधित होने वाली बीमारियों के हर माह 35-40 केस पहुंचते हैं। इनमें ज्यादातर केस सिमल्लेक्स क्रानिक्स स्किन के होते हैं। इसके अलावा ट्राइको टिलोमेनिया, अनाइको टिलोमेनिया के भी केस आते हैं।
- डा. राजीव कौड़ा, स्किन स्पेशलिस्ट, जनरल अस्पताल, सेक्टर-6
एंजाइटी इन पल्स डिसआर्डर एक मानसिक बीमारी है। इससे पीड़ित मरीज अक्सर बाल खींचते रहते हैं। ऐसे मरीजों को मनोरोग चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
- डा. राजीव त्रेहन, मनोराग विशेषज्ञ, जनरल अस्पताल, सेक्टर-6