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भरी ठंड में बिना कपड़ों के मिली 6 साल की मासूम, कहानी रुलाने वाली

Tue, 10 Jan 2017 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा) Updated Tue, 10 Jan 2017 09:40 AM IST
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six years old girl left by father on railway station, no clothers on body and no footwears
अंबाला रेलवे स्टेशन पर बेटी को छोड़ गया बाप
6 साल की मासूम की दास्तां सुनकर आपकी आंखें भर आएंगी। भरी ठंड में स्टेशन पर वह जिस हाल में मिली रूह कांप जाएगी देखकर। कलयुगी बाप मासूम बेटी को घुमाने लाया और स्टेशन पर छोड़ गया।
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घटना हरियाणा के अंबाला की है। अंबाला रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक व्यक्ति अपनी 6 साल की मासूम को छोड़ गया। बच्ची ने अपना नाम चांदनी बताया। बच्ची के मुताबिक उसका पिता उसे घुमाने के बहाने लेकर आया था। रेलवे स्टेशन पर हाथ छुड़वाकर उसने कहा कि आज से यही तेरा घर है और चला गया। आरपीएफ ने बच्ची को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया।
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कैंट सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने आई चाइल्ड लाइन की को-आर्डिनेटर अधिकारी रेखा शर्मा ने कहा कि बच्ची का पिता उसे सुबह कैंट रेलवे स्टेशन पर छोड़कर चला गया। वह बच्ची को घुमाने के बहाने के ट्रेन में लेकर अम्बाला तक आया था। यहां पर बेटी का हाथ छुड़ाकर बोला कि अब यहीं रहो और भीड़ में गुम होकर रेलवे स्टेशन से बाहर निकल गया। उसने बच्ची की ओर एक बार भी पलटकर नहीं देखा।
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न तन पर पूरे कपड़े थे और न ही पैरों में चप्पल

six years old girl left by father on railway station, no clothers on body and no footwears
अंबाला रेलवे स्टेशन पर बेटी को छोड़ गया बाप
बच्ची पिता को तलाशती और घर जाने के लिए तड़पती रोती बिलखती रही जिसे स्टेशन पर आरपीएफ ने देखा और हमें बुलाकर बच्ची को सुपुर्द कर दिया। हैरानी की बात ये है कि कड़ाके की ठंड पर पड़ी रही और बच्ची के बदन पर पूरे कपड़े नहीं थे। पांव में चप्प्ल तक भी नहीं थी।

चाइल्ड लाइन ने बच्ची को नए कपड़े और जूते दिलवाए व बच्ची के खाने पीने की व्यवस्था की। बच्ची ने अपना नाम चांदनी बताया। उसने बताया कि उसके पिता विजय कुमार मिस्त्री का काम करते हैं। मां मंजू घर पर ही रहती हैं। हम पांच भाई बहन हैं।

पटियाला रेलवे स्टेशन के पास रहते हैं। पहले स्कूल जाती थी पर अब नहीं जाती। पापा घूमाते हुए ट्रेन में अम्बाला तक लाए थे। यहां स्टेशन पर हाथ छुड़ाकर बोले अब तुम यहीं रहो यही तुम्हारा घर है और फिर पता नहीं कहां चले गए।
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