फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Six patients condition deteriorated after surgery in PGI Chandigarh

Chandigarh News: पीजीआई में सर्जरी के बाद बिगड़ी छह मरीजों की हालत, प्रोपोफोल दवा की बिक्री पर लगाई गई रोक

Tue, 06 Sep 2022 09:33 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 06 Sep 2022 09:33 PM IST
सार

दुकान संचालक का कहना है कि उसने कोई गलत दवा नहीं बेची है। डॉक्टर ने जो दवा लिखी थी, वही दी गई। अब अगर दवा में कोई गड़बड़ी है तो इसके लिए दवा बनाने वाली कंपनी पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन दवा के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। 

विज्ञापन
Six patients condition deteriorated after surgery in PGI Chandigarh
पीजीआई चंडीगढ़।

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई में सर्जरी के बाद एक साथ छह मरीजों की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन मामले की पड़ताल शुरू हुई। शुरुआती जांच में पता चला कि मरीजों को पीजीआई की इमरजेंसी स्थित दवा की दुकान से खरीदी गई प्रोपोफोल नामक दवा (एनेस्थिसिया का इंजेक्शन) दी गई थी। इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. एसके गुप्ता को मामले की जांच का जिम्मा सौंप दिया।

विज्ञापन

 
उधर, चंडीगढ़ प्रशासन ने दुकान से दवा के नमूने लेकर जांच के लिए कोलकाता भेज दिए हैं। साथ ही शहर में संबंधित बैच की दवा की बिक्री पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग के निर्देश पर पीजीआई इमरजेंसी की दवा की दुकान पर बचे प्रोपोफोल के स्टॉक को जब्त कर लिया गया है ताकि किसी और मरीज की जान जोखिम में न पड़े। 
विज्ञापन


उधर, दुकान संचालक का कहना है कि उसने कोई गलत दवा नहीं बेची है। डॉक्टर ने जो दवा लिखी थी, वही दी गई। अब अगर दवा में कोई गड़बड़ी है तो इसके लिए दवा बनाने वाली कंपनी पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन दवा के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पीजीआई का गोलमोल बयान 
इस पूरे मामले पर पीजीआई प्रशासन ने मंगलवार शाम को गोलमोल बयान जारी किया। पीजीआई प्रवक्ता के अनुसार, एक सितंबर को सर्जरी के बाद लगातार मरीजों की हालत बिगड़ने लगी। न्यूरोसर्जरी विभाग के मरीजों में सर्जरी के बाद यूरिन पास होना बंद हो गया और उन्हें पीलिया हो गया। हालत बिगड़ने पर चिकित्सा अधीक्षक ने तत्काल न्यूरोसर्जरी व एनेस्थिसिया विभाग के प्रमुख के साथ बैठक की। 

इसमें न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. एसके गुप्ता को मामले की जांच सौंपी गई है। इस संबंध में दो बार बैठक हो चुकी है लेकिन अब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं, इसकी सूचना यूटी प्रशासन को दे दी गई है। इसके बाद सीडीएससीओ यूटी व बद्दी के ड्रग कंट्रोलर ने दुकान से प्रोपोफोल दवा का नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया है। उनके स्तर पर भी मामले में जांच शुरू कर दी गई है। इन दलीलों के साथ पीजीआई प्रशासन का यह कहना है कि सभी स्तर पर रिपोर्ट आने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी। 

पीजीआई से आपूर्ति थी बंद 
जानकारी के अनुसार, पीजीआई में इन दिनों प्रोपोफोल दवा की आपूर्ति बंद है। कर्मचारियों का कहना है कि जबकि इसकी अनुपलब्धता की जानकारी फार्मेसी से लगातार प्रशासन को दी जा रही है। इस कमी का फायदा उठाते हुए ही निजी दवा की दुकान वाले यहां-वहां से माल लेकर पीजीआई में खपाने की फिराक में लगे हैं। इसका परिणाम इस रूप में सामने आया है। 
 

शिकायत मिलने पर ड्रग इंस्पेक्टर ने टीम के साथ पीजीआई जाकर प्रोपोफोल दवा की बैच का स्टॉक कब्जे में ले लिया है। साथ ही दवा के नमूने लेकर जांच को भेजा है। इस बैच की दवा की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में शहर के सभी वितरकों को निर्देश दे दिया गया है। जब्त की गई दवा मार्च 2022 बैच की है। इस मामले में किसी मरीज की मौत का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। - यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव, चंडीगढ़।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed