बेअदबी मामला: विपासना इंसां और वाइस चेयरमैन को एसआईटी का नोटिस, स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर के तौर पेश नहीं होंगे बैंस

अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट/चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 25 Nov 2021 07:51 PM IST

सार

गोलीकांड में फंसे इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह कुलार ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि बैंस इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी कर चुके हैं। अगर वह स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर के तौर पर ट्रायल कोर्ट में पैरवी करेंगे तो यह हितों के टकराव का मामला बन जाएगा। 
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विस्तार

बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम से रोहतक की सुनारिया जेल में पूछताछ के बाद अब डेरा की प्रबंधक कमेटी की चेयरपर्सन विपासना इंसा और वाइस चेयरमैन डॉ.पीआर नैन को अपनी जांच में शामिल करने की तैयारी की है। इस संबंध में एसआईटी ने दोनों को नोटिस जारी किया है और एक दिन पहले मंगलवार को एसआईटी की टीम नोटिस लेकर सिरसा भी गई थी, जहां पर उनके न मिलने के चलते नोटिस को डेरा के बाहर चिपका दिया गया है। 
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जानकारी के अनुसार बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़ी तीनों घटनाओं में एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायियों को गिरफ्तार किया था जिनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। पावन ग्रंथ चोरी मामले में डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर भी चार्जशीट है।


सूत्रों के मुताबिक एसआईटी को इन घटनाओं में मुख्य आरोपियों के तौर पर नामजद डेरे की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्यों हर्ष धुरी, प्रदीप कलेर व संदीप बरेटा की तलाश है। जिनको अदालत भगोड़ा करार दे चुकी है और एसआईटी प्रबंधन कमेटी की चेयरपर्सन व वाइस चेयरमैन से इन सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ साथ बेअदबी की घटनाओं में डेरा सिरसा की भूमिका जानना चाहती है। 

बैंस स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर के तौर पर 17 तक नहीं होंगे पेश

बेअदबी मामले के ट्रायल में पैरवी के लिए सीनियर एडवोकेट आरएस बैंस को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया कि अगली सुनवाई 17 दिसंबर तक बैंस पेश नहीं होंगे।

गोलीकांड में फंसे इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह कुलार ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि बैंस इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी कर चुके हैं। अगर वह स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर के तौर पर ट्रायल कोर्ट में पैरवी करेंगे तो यह हितों के टकराव का मामला बन जाएगा। 

याची ने कहा कि स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर के तौर पर बैंस की नियुक्ति सीआरपीसी की धारा-24 के खिलाफ भी है। इस प्रकार की नियुक्ति से पहले सरकार को हाईकोर्ट से प्रशासकीय पक्ष पर चर्चा करनी चाहिए थी। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि आरएस बैंस की स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर के तौर पर की गई नियुक्ति से जुड़ी अधिसूचना को रद्द किया जाए। साथ ही याचिका विचाराधीन रहते अधिसूचना पर रोक लगाने की हाईकोर्ट से मांग की गई है। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि बेअदबी मामले में ट्रायल की पैरवी अब फिलहाल रेगुलर पब्लिक प्रॉसीक्यूटर ही करेंगे।
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