Punjab News: बिक्रम मजीठिया के खिलाफ नशा तस्करी मामले की जांच कर रही SIT के प्रमुख बदले, शिअद ने जताई आपत्ति
शिअद नेता मजीठिया पर नशा तस्करों से साठगांठ के आरोप लगे हैं। उन पर आरोप लगे थे कि वे अपनी कोठियों में कनाडा के ड्रग तस्कर सतप्रीत सत्ता को ठहराते थे। वह सत्ता को अपनी गाड़ी और गनमैन भी मुहैया करवाते थे। उन पर चुनाव के लिए नशा तस्करों से पैसा लेने का भी आरोप है।
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पंजाब सरकार ने पूर्व मंत्री व अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ नशा तस्करी के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख को बदल दिया है। नए आदेश के मुताबिक एसआईटी प्रमुख अब पटियाला रेंज के आईजी मुखविंदर सिंह छीना होंगे। वह विजिलेंस निदेशक राहुल एस. का स्थान लेंगे।
सरकार की ओर से बताया गया है कि राहुल एस. बड़ी संख्या में भ्रष्टाचार के मामलों की निगरानी कर रहे हैं। ऐसे में फील्ड में तैनात अधिकारी को कमान सौंपी जा रही है ताकि ड्रग मामले की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा सके। एक साल के भीतर यह दूसरी बार है जब एसआईटी प्रमुख को बदला गया है।
आदेश में यह भी कहा गया कि एसआईटी के अन्य सदस्य वही रहेंगे। एसआईटी के अन्य सदस्य सहायक महानिरीक्षक रंजीत सिंह ढिल्लों और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रघबीर सिंह और अमरप्रीत सिंह हैं। पिछली चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सबसे पहले एसआईटी का गठन किया था, जिसका नेतृत्व एआईजी बलराज सिंह कर रहे थे। राज्य में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद एसआईटी का पुनर्गठन किया गया, जिसमें राहुल एस. को प्रमुख बनाया गया।
नशा तस्करों से साठगांठ के आरोप
शिअद नेता मजीठिया पर नशा तस्करों से साठगांठ के आरोप लगे हैं। उन पर आरोप लगे थे कि वे अपनी कोठियों में कनाडा के ड्रग तस्कर सतप्रीत सत्ता को ठहराते थे। वह सत्ता को अपनी गाड़ी और गनमैन भी मुहैया करवाते थे। उन पर चुनाव के लिए नशा तस्करों से पैसा लेने का भी आरोप है। साल 2022 में चुनाव से ठीक पहले एसटीएफ की एक रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ मोहाली में एफआईआर हुई। पांच महीने जेल में बिताने के बाद पिछले साल अगस्त में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
शिरोमणी अकाली दल ने जताई आपत्ति
शिरोमणी अकाली दल (शिअद) ने कहा है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख को बदलने में कुछ भी नया नहीं किया गया है क्योंकि भगवंत मान सरकार अधिकारियों को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ भगवंत मान की सोच के अनुसार कार्रवाई करने को मजबूर कर रही है। पार्टी ने इस कवायद को विरोधियों के खिलाफ राजनीतिक बदलाखोरी करार दिया है।
शिअद के लीगल सेल के प्रमुख अर्शदीप सिंह कलेर ने आप सरकार की निंदा करते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ कि एसआईटी के प्रमुख बदले गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी मोर्चों पर नाकाम रहने के बाद भगवंत मान सरकार पंजाबियों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जिसने भी सरकार द्वारा लिखी राजनीतिक कहानी पर काम करने से इंकार किया, उसे बदल दिया गया, क्योंकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो महाधिवक्ता और तीन डीजीपी को बदलना इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि दिसंबर की एक रात को डीजीपी ने केवल अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए यह मामला दर्ज कराया।
कलेर ने आगे कहा कि आप सरकार यह भूल गई है कि मजीठिया को जमानत देते समय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है और यह सारा मामला पूरी तरह से राजनीतिक बदलाखोरी प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इस मामले को दर्ज हुए डेढ साल से अधिक समय बीत चुका है। आज तक सरकार और पुलिस इस मामले में चालान पेश करने में विफल रही है।