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Punjab: दुष्कर्म के आरोपी अफसर को ही बचाती रही एसआईटी, झूठे गवाह पेशकर बना दी गलत रिपोर्ट

Fri, 25 Nov 2022 10:58 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 25 Nov 2022 10:58 PM IST
सार

आशीष कपूर को क्लीनचिट मिलने के खिलाफ पीड़िता ने फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया तो कोर्ट ने सरकार से जवाब तलब कर लिया। इसके बाद प्रदेश की मान सरकार ने जांच का जिम्मा पंजाब पुलिस शिकायत प्राधिकरण के चेयरमैन सतीश चंद्रा को सौंप दिया। सतीश चंद्रा ने बीते सप्ताह मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि एसआईटी ने आशीष कपूर को बचाने के लिए गलत रिपोर्ट तैयार की।

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SIT kept protecting the officer accused of Misdeed
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

दुष्कर्म और भ्रष्टाचार के आरोपी पंजाब पुलिस के एआईजी आशीष कपूर को क्लीनचिट देने वाली एसआईटी के अधिकारी ही फंस गए हैं। पंजाब पुलिस के शिकायत प्राधिकरण के चेयरमैन सतीश चंद्रा ने आशीष कपूर के मामले में मुख्यमंत्री को सौंपी जांच रिपोर्ट में एसआईटी के तीनों अफसरों को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि दुष्कर्म के मामले की जांच के बजाय एसआईटी के अधिकारी आरोपी अफसर को ही बचाने में जुट गए। झूठे गवाह पेश कर गलत रिपोर्ट तैयार कर दी। प्राधिकरण के अध्यक्ष सतीश चंद्रा की रिपोर्ट पर सरकार ने एसआईटी में शामिल तीनों अफसरों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब तलब किया है। रिपोर्ट में प्राधिकरण ने आशीष कपूर से जुड़े मामले की जांच नए सिरे से करवाने की सिफारिश की है।
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आशीष कपूर जब सेंट्रल जेल अमृतसर में सुपरिंटेंडेंट के तौर पर तैनात थे, तब वहां इमिग्रेशन के मामले में कुरुक्षेत्र निवासी महिला जेल में बंद थी। उस महिला से आशीष कपूर के संबंध बन गए। कपूर ने अपनी गुड़गांव की कोठी भी उसको दे दी। इसी दौरान दोनों के संबंध की भनक आशीष की पत्नी को लगी तो आशीष ने पीड़िता को धोखाधड़ी के आरोप में जीरकपुर थाने में केस दर्ज करवाकर न सिर्फ उसे बल्कि उसके पूरे परिवार को ही जेल भिजवा दिया और उसके घर का सामान भी जब्त कर लिया गया। यह पूरा घटनाक्रम पीड़ित महिला द्वारा मोहाली अदालत में दायर की गई याचिका में बताया गया है। इसके बाद मामले की जांच राज्य सरकार द्वारा कुंवर विजय प्रताप को सौंपी गई।

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कुंवर विजय प्रताप ने ठहराया आशीष कपूर को दोषी 
सीनियर पुलिस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह जब मामले की जांच करने पटियाला जेल गए तो वहां बंद महिला ने उन्हें आप बीती सुनाई। जांच में कुंवर विजय प्रताप ने आशीष कपूर को दोषी पाया था लेकिन तत्कालीन कैप्टन सरकार ने कपूर पर कार्रवाई के बजाय उनकी तैनाती विजिलेंस ब्यूरो में कर दी। इसके बाद सरकार ने आशीष कपूर पर लगे आरोपों की जांच के लिए पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, एडीजीपी शरद सत्य चौहान और एडीजीपी विभू राज की एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने कपूर को क्लीन चिट दे दी थी।

कोर्ट के निर्देश पर फिर हुई जांच
आशीष कपूर को क्लीनचिट मिलने के खिलाफ पीड़िता ने फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया तो कोर्ट ने सरकार से जवाब तलब कर लिया। इसके बाद प्रदेश की मान सरकार ने जांच का जिम्मा पंजाब पुलिस शिकायत प्राधिकरण के चेयरमैन सतीश चंद्रा को सौंप दिया। सतीश चंद्रा ने बीते सप्ताह मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि एसआईटी ने आशीष कपूर को बचाने के लिए गलत रिपोर्ट तैयार की। सतीश चंद्रा ने आशीष कपूर के खिलाफ दोबारा जांच करने की सिफारिश की है।
 

आशीष कपूर के मामले में मैंने तीन नवंबर को सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है। उस पर फैसला सरकार को ही लेना है। सतीश चंद्रा, चेयरमैन, पुलिस शिकायत प्राधिकरण पंजाब पुलिस।

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