{"_id":"be7978b302ccd40352d139a527ec2892","slug":"sit-enquiry-will-be-done-of-1984-sikh-voilence","type":"story","status":"publish","title_hn":"1984 के सिख विरोधी दंगों की होगी SIT जांच ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1984 के सिख विरोधी दंगों की होगी SIT जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़
Updated Thu, 30 Jan 2014 12:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1984 के सिख विरोधी दंगों की दिल्ली सरकार ने एसआईटी (विशेष जांच दल) से जांच कराने का फैसला किया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एसआईटी के गठन के संबंध में उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर चर्चा की। बाद में केजरीवाल ने कहा कि जल्द ही कैबिनेट एसआईटी के गठन और कार्यक्षेत्र तय करेगी।
केजरीवाल के इस कदम का दंगा पीड़ितों के साथ ही शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने समर्थन किया है। वहीं, फैसले से असहज दिख रही कांग्रेस ने कहा है कि वह दंगों की किसी भी जांच का विरोध नहीं करती है।
केजरीवाल सरकार ने यह फैसला कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उस बयान के दो दिन बाद किया है, जिसमें उन्होंने दंगों में कुछ कांग्रेसियों के शामिल होने की बात तो मानी थी, लेकिन दंगा पीड़ितों से माफी मांगने से इनकार कर दिया था। दिल्ली सरकार के इस फैसले से कांग्रेस और आप के बीच खटास बढ़ने की भी संभावना है।
विज्ञापन
केजरीवाल ने बाद में बताया कि मैंने 1984 दंगे की जांच एसआईटी से कराने के लिए उपराज्यपाल से मुलाकात की है। इस मुद्दे पर उपराज्यपाल का रुख सकारात्मक रहा।
एसआईटी से जांच का मुद्दा हमारे घोषणापत्र का हिस्सा भी था। एसआईटी के संगठनात्मक ढांचे और कार्यक्षेत्र का फैसला जल्द ही कैबिनेट में तय किया जाएगा।
विज्ञापन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एसआईटी के गठन के संबंध में उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर चर्चा की। बाद में केजरीवाल ने कहा कि जल्द ही कैबिनेट एसआईटी के गठन और कार्यक्षेत्र तय करेगी।
केजरीवाल के इस कदम का दंगा पीड़ितों के साथ ही शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने समर्थन किया है। वहीं, फैसले से असहज दिख रही कांग्रेस ने कहा है कि वह दंगों की किसी भी जांच का विरोध नहीं करती है।
विज्ञापन
केजरीवाल सरकार ने यह फैसला कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उस बयान के दो दिन बाद किया है, जिसमें उन्होंने दंगों में कुछ कांग्रेसियों के शामिल होने की बात तो मानी थी, लेकिन दंगा पीड़ितों से माफी मांगने से इनकार कर दिया था। दिल्ली सरकार के इस फैसले से कांग्रेस और आप के बीच खटास बढ़ने की भी संभावना है।
विज्ञापन
केजरीवाल ने बाद में बताया कि मैंने 1984 दंगे की जांच एसआईटी से कराने के लिए उपराज्यपाल से मुलाकात की है। इस मुद्दे पर उपराज्यपाल का रुख सकारात्मक रहा।
एसआईटी से जांच का मुद्दा हमारे घोषणापत्र का हिस्सा भी था। एसआईटी के संगठनात्मक ढांचे और कार्यक्षेत्र का फैसला जल्द ही कैबिनेट में तय किया जाएगा।