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बेअदबी और गोलीकांडः पूर्व सीएम बादल से पूछताछ, बोले- मैंने तो फायरिंग के आदेश नहीं दिए

Sat, 17 Nov 2018 09:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 17 Nov 2018 09:26 AM IST
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SIT Enquiry to Formar CM Parkash Singh Badal in Behbal Kalan Firing Incident, kotkapura firing
प्रकाश सिंह बादल
पंजाब में पवित्र ग्रंथों की बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से करीब आधा घंटा पूछताछ की। एसआईटी का उनसे मुख्य सवाल यही था कि कोटकपूरा में पुलिस फायरिंग के आदेश किसने दिए थे? वहीं, बादल ने पूछताछ के बाद बताया, ‘मुझसे कोटकपूरा फायरिंग के संबंध में पूछा गया।
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मैंने यही कहा कि फायरिंग के आदेश मैंने नहीं दिए थे। बल्कि मैंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान कभी किसी मामले में फायरिंग के आदेश नहीं दिए।’ वहीं एसआईटी के अहम सदस्य आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पूछताछ के बारे में विस्तार से कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री से जो सवाल पूछने थे, पूछ लिए गए हैं। अभी इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पूछताछ में बादल ने एसआईटी को पूरा सहयोग दिया है।
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ये सवाल पूछे
एसआईटी सूत्रों के मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एमएलए होस्टल स्थित बादल के आवास पर पूछताछ की गई। एसआईटी के अधिकारियों ने कोटकपूरा गोलीकांड के अलावा बादल से यह भी पूछा कि पुलिस फायरिंग के आदेश अगर उन्होंने नहीं दिए थे तो क्या यह आदेश तत्कालीन डीजीपी द्वारा दिए गए? यह भी पूछा गया कि फायरिंग की घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
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क्या फायरिंग करने वालों का पता लगाया गया? क्या डीजीपी को इस संबंध में कोई आदेश जारी किए गए? डीजीपी ने फायरिंग के बारे में उन्हें क्या जानकारी सौंपी? सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री ने एसआईटी को अपने जवाब में यही कहा कि उन्होंने गोली चलाने के आदेश नहीं दिए थे और न ही डीजीपी की ओर से आदेश दिए गए। उन्होंने एसआईटी के समक्ष इस प्रकरण में अपनी या अपनी सरकार की संलिप्तता से साफ इनकार किया।

जब तक एसआईटी प्रमुख नहीं आएंगे, कोई सहयोग नहीं दूंगा

SIT Enquiry to Formar CM Parkash Singh Badal in Behbal Kalan Firing Incident, kotkapura firing
CM Parkash singh badal - फोटो : File Photo
शुक्रवार दोपहर सवा दो बजे एमएलए होस्टल में एसआईटी की तरफ से सबसे पहले आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह पहुंचे। उनसे सबसे पहले बिक्रम सिंह मजीठिया ने हाथ मिलाया। इसके बाद प्रकाश सिंह बादल ने कुंवर विजय प्रताप का दरवाजे पर खड़े होकर स्वागत किया। हालांकि इसके बाद उन्होंने साफ कर दिया कि वे पूछताछ में उन्हें कोई सहयोग नहीं देंगे।

उन्होंने इसके लिए एसआईटी प्रमुख प्रबोध कुमार को ही बुलाने और उनसे बात कराने को कहा। बादल ने प्रबोध कुमार से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि वे खुद आकर जो पूछना चाहते हैं, पूछ लें। पहले तो प्रबोध कुमार ने आने में असमर्थता जाहिर की। लेकिन इस पर बादल ने उनसे कहा कि अगर आप नहीं आ सकते तो मैं आपके पास आ जाता हूं।

इसके बाद प्रबोध कुमार 15 मिनट में ही 2.40 बजे बादल के आवास पर पहुंच गए और उनसे पूछताछ की। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने एसआईटी से कुंवर विजय प्रताप सिंह को हटाने की मांग की थी। शिअद ने आरोप लगाया था कि कुंवर विजय प्रताप किसी निजी हित के लिए अकाली दल की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

गवाह को मुजरिम बनाने की कोशिश : बादल

SIT Enquiry to Formar CM Parkash Singh Badal in Behbal Kalan Firing Incident, kotkapura firing
प्रकाश सिंह बादल - फोटो : अमर उजाला
एसआईटी पूछताछ के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि उनसे गवाह के तौर पर पूछताछ की गई है लेकिन इस गवाह को ही मुजरिम बनाने की कोशिश की जा रही है। एमएलए हास्टल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बादल ने कहा कि एसआईटी ने उनसे कोटकपूरा गोलीकांड के बारे में पूछा। इसके अलावा कोई खास पूछताछ नहीं की।

उन्होंने कहा कि कुछेक ओर सवाल किए गए, बाकी उनके पास पूछने के लिए कुछ था भी नहीं। उन्होंने कहा कि दरअसल यह पूरा मामला पालिटिकली मोटिवेटिड है और एसआईटी वहीं जांच रिपोर्ट तैयार करेगी, जो कैप्टन अमरिंदर सिंह उसे तैयार करने के कहेंगे। बादल ने कहा कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट में वही आएगा जो कैप्टन पहले से तय कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी पूर्व मुख्यमंत्री को किसी 307 के मुकदमे में गवाह बनाकर पूछताछ की गई है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में आपरेशन ब्लू स्टार हुआ। उसके बाद कत्लेआम हुआ लेकिन इंदिरा गांधी को तो किसी ने गवाह नहीं बनाया। अमृतसर में रेल हादसा हुआ लेकिन किसी ने रेल मंत्री को गवाह नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि वे समझ रहे हैं कि पूछताछ तो उनसे गवाह के तौर पर हो रही है लेकिन उन्हें मुजरिम करार देने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व सीएम ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है।
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