एक जैसे हैं मोदी और खट्टर, 6 समानताएं
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प्रधानमंत्री मोदी और हरियाणा के भावी मुख्यमंत्री
मोदी और खट्टर में कई समानताएं
. नरेंद्र मोदी जब गुजरात के पहली बार मुख्यमंत्री बने तब उनके पास कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था। मोदी की तरह खट्टर भी पहली बार ही विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
. मोदी की तरह खट्टर भी ऐसे नेता हैं, जिन पर पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं है और दोनों ही आपस में दोस्त भी हैं। मोदी ने आरएसएस में अपना जीवन प्रचारक के तौर पर शुरू किया। इसी तरह खट्टर भी लंबे समय तक आरएसएस प्रचारक रहे।
. खट्टर के पिता दुकानदार, जिसमें उन्होंने भी काम किया थे, जबकि मोदी के पिता की भी चाय की दुकान थी। मोदी की तरह खट्टर को भी आरएसएस में काम करने के बाद सरकार चलाने की अहम जिम्मेवारी दी गई।
. मोदी को जब गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर भाजपा हाईकमान की ओर से नियुक्त किया गया तो कई स्थानीय वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी हुई थी इसी तरह से खट्टर को जब भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री के तौर पर नाम फाइनल किया गया तो भी हरियाणा के कई ऐसे नेता जो मुख्यमंत्री की दौड़ में थे, उनकी अनदेखी हुई। खट्टर के अलावा भाजपा अध्यक्ष राम बिलास शर्मा और कैप्टन अभिमन्यु मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल थे।
'आम जनता से हर समय जुड़ी रहने वाली सरकार होगी'
भावी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि ढाई करोड़ हरियाणावासियों ने भाजपा सरकार बनाई है। कोशिश रहेगी कि हरियाणा को गुजरात के बराबर लाकर खड़ा किया जाए।
खट्टर ने दावा किया कि उनकी सरकार स्वच्छ, पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त तथा विकास को नया आयाम देने वाली और आम जनता से हर समय जुड़ी रहने वाली सरकार होगी। वीरवार को दीपावली के दिन मनोहर लाल खट्टर करनाल के पीडब्लूडी रेस्ट में आयोजित समारोह में रहे।
मनोहर लाल खट्टर ने आमजन को संबोधित करते हुए सबसे पहले दीपावली की मुबारकबाद दी। समाज के समुचित संवर्धन के लिए हर कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर डीजीपी एसएन वशिष्ठ समेत प्रदेश के कई नवनिर्वाचित विधायक और अधिकारी मौजूद रहे।
तीन प्रधानमंत्री अब तक पंचकूला में आ चुके हैं
हरियाणा के नए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंच रहे हैं। मोदी पंचकूला आने वाले देश के चौथे प्रधानमंत्री होंगे। इससे पहले तीन प्रधानमंत्री जिले में आ चुके हैं।
सबसे पहले 1971 में इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री के तौर पर पंचकूला के घग्घर नदी पुल का उद्घाटन करने के लिए आई थीं। 1996 में एचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री के तौर पर जिला पंचकूला आए थे। वे प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिन बाद कालका के बाला जी मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंचे थे।
इसके बाद यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री रहते डॉ. मनमोहन सिंह दो बार पंचकूला आए थे। पहली बार वे अपने किसी मित्र के निधन पर शोक जताने के लिए सेक्टर-4 में आए। उसके बाद साल 13 अप्रैल 2012 को माटी के रंग समारोह में हिस्सा लेने सेक्टर-5 में पहुंचे थे। सेक्टर-5 में जोनल कल्चर प्रोग्राम की सिल्वर जुबली मनाई गई थी। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी शिरकत की थी।
90 के दशक में पंचकूला रहते थे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 90 के दशक में पंचकूला में रह चुके हैं। उस समय वे पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के भाजपा प्रभारी होते थे। मोदी 1994 से लेकर 99 तक पंचकूला में ही रहे। अब करीब 15 साल बाद वे दोबारा पंचकूला आ रहे हैं।