फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Signs of reshuffle in Punjab cabinet in last week of December

Punjab: पंजाब मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत, दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हो सकती है कई मंत्रियों की छुट्टी

Sat, 10 Dec 2022 04:07 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 10 Dec 2022 04:07 PM IST
सार

मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर पार्टी में यह चर्चा जारी थी कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री इस पर फैसला लेंगे। अब दोनों राज्यों में चुनाव संपन्न होने के बाद पार्टी हाईकमान की सलाह से मंत्रिमंडल के बारे में फैसला लिया जाएगा।

विज्ञापन
Signs of reshuffle in Punjab cabinet in last week of December
पंजाब कैबिनेट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब मंत्रिमंडल में इसी महीने फेरबदल की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं से मिले संकेतों के अनुसार, दिसंबर के आखिरी सप्ताह में मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी कैबिनेट से कुछ मंत्रियों की छुट्टी करने के साथ ही कुछ अन्य विधायकों को मंत्री पद से नवाज सकते हैं। इसी फेरबदल के दौरान, विवादों में घिरे कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी की छुट्टी होना भी तय माना जा रहा है।

विज्ञापन


मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर पार्टी में यह चर्चा जारी थी कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री इस पर फैसला लेंगे। अब दोनों राज्यों में चुनाव संपन्न होने के बाद पार्टी हाईकमान की सलाह से मंत्रिमंडल के बारे में फैसला लिया जाएगा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस बार अमृतसर पूर्व से विधायक चुनी गईं जीवनजोत कौर को मौका दे सकते हैं, जिनकी छवि नवजोत सिंह सिद्धू और बिक्रम सिंह मजीठिया को हराकर एक मजबूत विधायक की बनी है। 
विज्ञापन


चरणजीत सिंह चन्नी को हराने वाले लाभ सिंह उगोके, प्रकाश सिंह बादल के हराने वाले गुरमीत सिंह खुड्डीयां और कैप्टन अमरिंदर सिंह को हराने वाले अजीत पाल सिंह कोहली के अलावा दूसरी बार विधायक चुने गए लेकिन मंत्री नहीं बन सके कुछ विधायकों को भी मौका मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि इस समय राज्य कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल 16 मंत्री हैं और मंत्रियों की कुल संख्या पूरी हो चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट से कुछ मंत्रियों को हटाकर ही अन्य विधायकों को मौका दे सकते हैं इसलिए मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले मौजूदा मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा होना तय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed