आंगनबाड़ी वर्करों ने किया डायरेक्टर ऑफिस का घेराव
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आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू) की अगुवाई में वर्करों ने मंगलवार को सेक्टर 34 स्थित डायरेक्टर दफ्तर का घेराव किया। आंगनबाड़ी वर्कर दफ्तर के आगे धरना देकर बैठ गईं। स्टाफ ने उन्हें हटाने की काफी कोशिश की पर वे नहीं हटीं, जिसके बाद उन्हें पुलिस को सूचित किया। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मौके पर पहुंची पुलिस ने 23 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ परचा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मुलाजिमों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। शाम को उन्हें एसडीएम के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक आंगनबाड़ी वर्कर अपनी मांगों को लेकर डायरेक्टर दफ्तर पर लंबे समय से धरना दे रही हैं। मंगलवार को धरना 383वें दिन में दाखिल हो गया। इस दौरान तीस मार्च को उनकी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ मीटिंग भी हुई थी, लेकिन उसमें लिए फैसले अब तक लागू नहीं किए गए थे। इनमें मानदेय में बढ़ोतरी, एडवाइजरी बोर्ड को दिए प्रोजेक्ट फिर विभाग में लाना, हेल्पर का प्रमोशन पीरियड दस से पांच साल करना, बिजली बिल भरने के संबंध में पंचायत विभाग को लिखना, भगत पूरन सिंह बीमा योजना लागू करने को कमेटी गठित करना शामिल था, जिसे लेकर रोष में आई वर्करों ने डायरेक्टर दफ्तर का घेराव कर दिया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रधान ऊषा रानी ने कहा कि अधिकारियों को मिल कर बार-बार पत्र दिए जा रहे हैं, लेकिन वे लगातार इसे टाल रहे हैं। तीन साल के बच्चों के दाखिले सरकारी स्कूलों में शुरू कर दिए गए हैं। इस संबंध में भी विभाग ने कोई कोशिश नहीं की कि बच्चे आंगनबाड़ी सेंटरों में दाखिल कराए जाएं। धरने को हरजीत कौर, गुरदीप कौर, अमृतपाल कौर ने भी संबोधित किया।