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Sidhu Moosewala Death Anniversary: जहां गोलियों से छलनी हुआ था मूसेवाला, वो गांव उसके लिए मांग रहा इंसाफ
Mon, 29 May 2023 10:50 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 29 May 2023 10:50 AM IST
सार
गांव जवाहरके के सरपंच त्रिलोचन सिंह और पूर्व सरपंच राजिंदर सिंह जवाहरके ने बताया कि पूरा गांव मूसेवाला के रंग में रंग चुका है। बरसी समागम में लास्ट राइड स्थान को देखने के लिए देश विदेश से बड़ी तदाद में संगत पहुंची और मूसेवाला के चित्रों को माथा टेका गया।
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Sidhu Moosewala Death Anniversary
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला की आज पहली बरसी है। मूसेवाला की लास्ट राइड बने गांव जवाहरके में आज भी उन गोलियों के निशान मौजूद हैं, जिनसे 29 मई 2022 को मूसेवाला का जिस्म छलनी किया गया था।
गांव जवाहरके अब भी मूसेवाला के परिवार के लिए न्याय मांग रहा है। गांव की पंचायत द्वारा सिद्धू की यादगार बनाने इस स्थान पर उसका बुत लगाने की योजना बनाई गई है। पहली बरसी मौके पूरे गांव को सिद्धू मूसेवाला के पोस्टरों से सजाया गया और सहज पाठ के भोग डाल ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई गई। जिसमें नौजवानों ने बढ़कर हिस्सा लिया और यादगार के रूप में मूसेवाला की फोटोज भेंट की गई।
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गांव के सरपंच त्रिलोचन सिंह और पूर्व सरपंच राजिंदर सिंह जवाहरके ने बताया कि पूरा गांव मूसेवाला के रंग में रंग चुका है। बरसी समागम में लास्ट राइड स्थान को देखने के लिए देश विदेश से बड़ी तदाद में संगत पहुंची और मूसेवाला के चित्रों को माथा टेका गया।
लखविंदर सिंह लखनपाल ने कहा कि हर गांव से मूसेवाला को इंसाफ दो की आवाज उठी है, वह और पूरा गांव उनके साथ खड़ा है। जब तक मूसेवाला के कत्ल के साजिशकर्ता नहीं पकड़े जाते। तब तक वह इस संघर्ष में डटे रहेंगे। इसके अलावा नौजवानों ने मूसेवाला के गीत बजाकर उसे श्रद्धांजलि दी गई। इसके अलावा मानसा समेत अन्य स्थानों पर मूसेवाला की याद में छबीलें लगाई गईं। सिद्धू मूसेवाला के ताया चमकौर सिंह ने बताया कि आज गांव मूसा के गुरुद्वारा साहिब में मूसेवाला की याद में पाठ के भोग डाले जाएगे। जिसमें बड़ी तदाद में संगत पहुंचेगी और शाम को मानसा के गुरुद्वारा सिंह सभा से लेकर बस स्टैंड तक इंसाफ दो मार्च निकाला जाएगा।
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गांव जवाहरके अब भी मूसेवाला के परिवार के लिए न्याय मांग रहा है। गांव की पंचायत द्वारा सिद्धू की यादगार बनाने इस स्थान पर उसका बुत लगाने की योजना बनाई गई है। पहली बरसी मौके पूरे गांव को सिद्धू मूसेवाला के पोस्टरों से सजाया गया और सहज पाठ के भोग डाल ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई गई। जिसमें नौजवानों ने बढ़कर हिस्सा लिया और यादगार के रूप में मूसेवाला की फोटोज भेंट की गई।
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गांव के सरपंच त्रिलोचन सिंह और पूर्व सरपंच राजिंदर सिंह जवाहरके ने बताया कि पूरा गांव मूसेवाला के रंग में रंग चुका है। बरसी समागम में लास्ट राइड स्थान को देखने के लिए देश विदेश से बड़ी तदाद में संगत पहुंची और मूसेवाला के चित्रों को माथा टेका गया।
लखविंदर सिंह लखनपाल ने कहा कि हर गांव से मूसेवाला को इंसाफ दो की आवाज उठी है, वह और पूरा गांव उनके साथ खड़ा है। जब तक मूसेवाला के कत्ल के साजिशकर्ता नहीं पकड़े जाते। तब तक वह इस संघर्ष में डटे रहेंगे। इसके अलावा नौजवानों ने मूसेवाला के गीत बजाकर उसे श्रद्धांजलि दी गई। इसके अलावा मानसा समेत अन्य स्थानों पर मूसेवाला की याद में छबीलें लगाई गईं। सिद्धू मूसेवाला के ताया चमकौर सिंह ने बताया कि आज गांव मूसा के गुरुद्वारा साहिब में मूसेवाला की याद में पाठ के भोग डाले जाएगे। जिसमें बड़ी तदाद में संगत पहुंचेगी और शाम को मानसा के गुरुद्वारा सिंह सभा से लेकर बस स्टैंड तक इंसाफ दो मार्च निकाला जाएगा।