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चंडीगढ़ में भयावह आग के जानिए साइड इफेक्ट

Tue, 10 Jun 2014 05:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 10 Jun 2014 05:34 PM IST
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side effect of fire in chandigarh sector 17

चंडीगढ़ शहर के लोगों को इस बार बिजली के बिल देरी से मिलेंगे। बिजली के बिल को तैयार करने का काम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (एनआईईएलआईटी) में होता था।

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इस बिल्डिंग के गिरने के कारण सारा डाटा खत्म हो गया। अब बिजली का बिल तैयार करने के लिए डाटा दोबारा से फीड करना पड़ेगा। इसमें कुछ समय लग सकता है। एनआईईएलआईटी के एमडी डॉ.अश्वनी कुमार शर्मा ने कहा कि जितने प्रोजेक्ट चला रहे हैं उनके लिए हम अलग अलग जगह तलाश कर रहे हैं।
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जैसे ही जगह मिल जाएगी डाटा फीड करने का काम तेजी से किया जाएगा। उधर, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी कोशिश है कि बिजली के बिल में ज्यादा देरी न हो।
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एनआईईएलआईटी के पास बनीं इमारतें भी असुरक्षित

side effect of fire in chandigarh sector 17

यूटी प्रशासन ने सेक्टर-17 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (नाइलिट) की बिल्डिंग (एससीओ 115-116) के आसपास के 19 एससीओ को असुरक्षित घोषित कर दिया है।

इसके अलावा यहां एक सप्ताह के लिए धारा-144 लगा दी है। यूटी के कार्यवाहक उपायुक्त विवेक प्रताप सिंह के अनुसार नाइलिट बिल्डिंग गिरने के बाद इसके आसपास की इमारतें कमजोर हो गई हैं।

सेक्टर-17 पुलिस थाने के प्रभारी की सिफारिश पर प्रशासन ने एससीओ नंबर 4 से 9 और एससीओ नंबर 115 से 127 तक को असुरक्षित घोषित किया है।

बच्चों के करियर पर सवालिया निशान

side effect of fire in chandigarh sector 17

भयानक आग से गिरी बिल्डिंग में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलैक्ट्रॉनिक्स एंड इंफ्रामेशन टेक्नोलॉजी(एआईईएलआईटी) इंस्टीट्यूट भी था। अब विद्यार्थियों की प‌रीक्षाओं और क्लास पर इसका असर पड़ेगा।

इंस्टीट्यूट में पढ़ रहे विद्यार्थियों के कैरियर को ध्यान में रखते हुए जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी कर दी है। क्लास के लिए अब आसपास भवन की तलाश की जा रही है जैसे ही यह भवन मिल जाएगा बच्चों की क्लास शुरू हो जाएगी।

इंस्टीट्यूट में करीब 700 स्टूडेंट और 40 फैकल्टी मेंबर कार्यरत हैं।

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