फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Shri Kartarpur Sahib Gurdwara: Nagar Kirtan reached at International border

विभाजन के बाद पहली बार श्री करतारपुर साहिब में सजाया नगर कीर्तन, अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंचा

Wed, 23 Sep 2020 04:19 AM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 23 Sep 2020 04:19 AM IST
विज्ञापन
Shri Kartarpur Sahib Gurdwara: Nagar Kirtan reached at International border
श्री करतारपुर साहिब। - फोटो : फाइल फोटो

देश विभाजन के बाद पहली बार पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के 481वें ज्योति-ज्योत पर्व पर एक नगर कीर्तन सजाया गया। गुरुद्वारा साहिब परिसर से पंज प्यारों की अगुवाई में शुरू हुआ नगर कीर्तन पवित्र परिक्रमा से होता हुआ अंतरराष्ट्रीय सीमा डेरा बाबा नानक (पाकिस्तान की ओर) पहुंचा। 

विज्ञापन


लगभग साढ़े चार किलोमीटर की इस धार्मिक यात्रा के दौरान नगर कीर्तन में शामिल पाकिस्तान संगत सत नाम वाहेगुरु का जाप कर रही थी। यह पहली बार है जब पाकिस्तान के किसी एतिहासिक गुरुद्वारा साहिब से सजाया नगर कीर्तन अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंचा। हालांकि कोरोना के कारण करतारपुर कॉरिडोर बंद होने के कारण भारत की तरफ से इस नगर कीर्तन के दर्शनों के लिए डेरा बाबा नानक सीमा पर कोई भी श्रद्धालु नहीं पहुंचा। 
विज्ञापन


पंज प्यारे एक खुली गाड़ी में परंपरागत वेशभूषा और निशान साहिब के साथ सवार थे। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी एक बड़ी बस में पालकी साहिब में सुशोभित थे। बस को फूलों से सजाया गया था। इस पालकी साहिब के पीछे लगभग 12 गाड़ियां चल रही थी। इन गाड़ियों में पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सतवंत सिंह सहित कई पदाधिकारी सवार थे। जिन गाड़ियों में संगत बैठी थी, उन बसों को अंतरराष्ट्रीय सीमा तक नहीं आने दिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तान रेंजर अधिकारियों ने अपनी तरफ पर एक नीले रंग की पट्टी लगा रखी थी, ताकि उससे आगे नगर कीर्तन में शामिल लोग न जा सके। पीएसजीपीसी के प्रधान सतवंत सिंह समेत अन्य सिख संगत के साथ गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी गोबिंद सिंह ने अरदास की। भाई सतवत सिंह द्वारा भेजे एक संदेश में कहा गया कि पाकिस्तान की सिख संगत की इच्छा थी कि इस एतिहासिक नगर कीर्तन का हिस्सा भारतीय संगत भी बनती।


पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा साहिबान का संचालन करने वाली ईटीपीबी के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने बताया कि इस नगर कीर्तन में पाकिस्तान के पांच हजार श्रद्धालु शामिल हुए। भारत की तरफ से नगर कीर्तन के दर्शनों के लिए कोई भी श्रद्धालु डेरा बाबा नानक की तरफ मौजूद नहीं था। नगर कीर्तन साढ़े 11 बजे गुरुद्वारा साहिबान लौट आया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed