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एक किताब, सौ लघुकथाएं बस 'इतनी सी बात'
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 19 Nov 2013 05:20 PM IST
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हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव व साहित्य प्रेमी डॉ. कृष्ण कुमार खंडेलवाल ने पुस्तक मेले में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष व कथाकार कमलेश भारतीय के नवीनतम लघुकथा संग्रह इतनी सी बात का विमोचन किया गया।
वे हरियाणा ग्रंथ अकादमी के स्टॉल पर विशेष तौर पर पधारे। उन्होंने कहा कि कमलेश भारतीय की लघुकथाएं सटीक लघुकथाएं हैं। समाज के विविध दृश्यों को उजागर करती हैं।
इनमें फीता और जेब, नशे, शौक, इतनी सी बात, ऐसे थे तुम, बैग, दौड़, ईश्वर का जन्म, मस्तराम जिंदाबाद, संस्कृति, लेखक और पुरस्कार जैसी लघु कथाएं हैं, जिनमें समाज का मार्मिक चित्रण किया गया है।
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इतनी सी बात में कमलेश भारतीय की सौ लघुकथाएं प्रकाशित हैं और यह उनका चतुर्थ लघुकथा संग्रह है। इसका आवरण हिसार की ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. माधुरी मेहता ने बनाया है, जबकि इसका प्रकाशन अंबाला छावनी के शुभतारिका प्रकाशन की ओर से किया गया है।
इस अवसर पर हरियाणा ग्रंथ अकादमी की निदेशक डॉ. मुक्ता, आधार प्रकाशन के संचालक देश निर्मोही, प्रसिद्घ कथाकार राजकुमार राकेश, सामयिक प्रकाशन के संचालक महेश भारद्वाज, युवा रचनाकार दिनेश पाराशर, रोशन वर्मा व अन्य मौजूद थे।
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वे हरियाणा ग्रंथ अकादमी के स्टॉल पर विशेष तौर पर पधारे। उन्होंने कहा कि कमलेश भारतीय की लघुकथाएं सटीक लघुकथाएं हैं। समाज के विविध दृश्यों को उजागर करती हैं।
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इनमें फीता और जेब, नशे, शौक, इतनी सी बात, ऐसे थे तुम, बैग, दौड़, ईश्वर का जन्म, मस्तराम जिंदाबाद, संस्कृति, लेखक और पुरस्कार जैसी लघु कथाएं हैं, जिनमें समाज का मार्मिक चित्रण किया गया है।
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इतनी सी बात में कमलेश भारतीय की सौ लघुकथाएं प्रकाशित हैं और यह उनका चतुर्थ लघुकथा संग्रह है। इसका आवरण हिसार की ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. माधुरी मेहता ने बनाया है, जबकि इसका प्रकाशन अंबाला छावनी के शुभतारिका प्रकाशन की ओर से किया गया है।
इस अवसर पर हरियाणा ग्रंथ अकादमी की निदेशक डॉ. मुक्ता, आधार प्रकाशन के संचालक देश निर्मोही, प्रसिद्घ कथाकार राजकुमार राकेश, सामयिक प्रकाशन के संचालक महेश भारद्वाज, युवा रचनाकार दिनेश पाराशर, रोशन वर्मा व अन्य मौजूद थे।