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OMG! एक दुकान का इतना बिल आया, जानकर चकरा जाएंगे

Sat, 03 Oct 2015 05:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 03 Oct 2015 05:09 PM IST
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shocking electricity bill of shop by electricity nigam

कपड़े की एक दुकान का इतना बिल आया, देखकर दुकानदार के होश उड़ जाएंगे। जानेंगे तो आप भी चकरा जाएंगे। मामला हरियाणा में रोहतक का है। शौरी मार्केट में कपड़े की दुकान का मिलकर 8 लाख का बिजली बिल देखकर सन्न रह गया। हालांकि बिजली निगम में डेटा ट्रांसफर का काम चलने से तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन इसके कारण हो रही गलतियों से उपभोक्ताओं के पैरों से जमीन तक खिसक रही है।

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सेवानंद के होश पिछले तीन बिलों को देखकर उड़े। बिल 22 हजार से लेकर 8 लाख 55 हजार तक के दिए गए। हालांकि कई धक्के खाने के बाद बिलों में संशोधन तो किया गया, लेकिन सेवानंद अब बिजली निगम की व्यवस्था को कोस रहा है। सेवानंद ने बताया कि अप्रैल का जो बिल आया उसे मई में एक नियत तारीख तक भरना था। लेकिन बिल जब देखा तो होश उड़ गए।
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उसकी छोटी सी दुकान का बिजली बिल 22 हजार 45 रुपये का दिया गया था। जब मीटर रीडर से इस संबंध में बात की तो उसने पल्ला झाड़ लिया और अधिकारियों से बात करने के लिए कहा। कई चक्कर लगाने के बाद बिल में संशोधन किया गया। संशोधन के बाद 22 हजार 45 रुपये की जगह 2453 रुपये की राशि जमा कराई।
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पहले भी दिया था 8 लाख का बिजली बिल

shocking electricity bill of shop by electricity nigam

सेवानंद ने बताया इसके बाद सितंबर में एक बिल आया। बिजली बिल की राशि 8 लाख 32 हजार 652 रुपये थी। यह बिल लेकर फिर निगम के दफ्तर गया। एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के पास चक्कर लगाए। 9 सिंतबर को बिल में संशोधन करवाया। संशोधन के बाद बिजली बिल 3132 रुपये रह गया, लेकिन बुधवार को फिर से एक बिल आ गया।

इस बार बिल 8 लाख 55 हजार 531 रुपये का दिया गया। बिल लेने के तुरंत बाद अधिकारियों के चक्कर काटे, शाम तक चक्कर लगाने के बाद संशोधन किया। जिसमें 2166 रुपये बिल सिनेटरी चार्ज के साथ किया गया। पीड़ित ने बताया कि पिछले माह सिनेटरी चार्ज एक हजार रुपये जमा किया गया था, लेकिन अधिकारी नहीं माने।

काफी हंगामा करने के बाद बिल दोबारा संशोधित किया और 1283 रुपये का बिल जमा कराया। सेवानंद ने बताया कि लगातार लाखों रुपये के बिल आने से मानसिक रूप से भी परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

बिजली निगम की कार्यप्रणाली ऑनलाइन की जा रही है। इसी के तहत डेटा ट्रांसफर किया जा रहा है, जिसमें कुछ गलतियां रह गई थीं। जिन्हें दूर किया जा रहा है। मई और जून का बिल भी जनरेट नहीं हुए थे। इसलिए बिलों में गड़बड़ हो रही है। हालांकि उपभोक्ता के शिकायत करने पर बिल में संशोधन किया जा रहा है। इस संबंध में एडीसी को भी जानकारी दी गई है।
- वीएस मान, एसई बिजली निगम, रोहतक

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