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लूणा की अनसुनी प्रेम कहानी, टैगोर थियेटर के मंच की जुबानी, सुनने आएं
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:00 PM IST
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टैगोर थियेटर में नाटक
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मैं पूरन दी मां, पूरन दे हाण दी...अपने हमउम्र सौतेले बेटे से प्यार करने वाली लूणां की अनसुनी प्रेम कहानी, टैगोर थियेटर के मंच की जुबानी, सुनने के लिए आएं। 6 जनवरी को, मशहूर पंजाबी शायर व कवि शिव कुमार बटालवी की साहित्य अकादमी अवार्ड से सम्मानित काव्य नाटक लूणा की पहली प्रस्तुति होगी। पिता जे धी दा रूप हंढावे, लोका वे, तैनूं लाज ना आवे, जे लूना पूरन नूं चाहवे, चरित्र हीन कव्हे क्युं जीभ जहान दी।
मैं पूरन दी मां, पूरन दे हाण दी...अपने हमउम्र सौतेले बेटे से प्यार करने वाली लूणां के इन सवालों से घिरी उसकी अनसुनी प्रेम कहानी के गवाह अब सिटी के रंगमंच के शौकीन दर्शक भी होंगे। जहां प्यार, त्याग और उसके चरित्र पर दाग लगाने वाले समाज के लोग शायद यह सोचने को मजबूर हो जाएंगे कि क्या एक औरत को मोहब्बत करने का हक नहीं है या उसे अपना हमउम्र प्यार पाने के लिए समाज की इजाजत लेनी जरूरी है।
प्रेम, त्याग और भावनात्मक संवेदनाओं से पिरोया मशहूर पंजाबी शायर व कवि शिव कुमार बटालवी का यह महाकाव्य नाटक लूणां छह जनवरी को अजनबी रंगकर्मी की ओर से टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में मंचित होगा। लूणां के लिए 28 साल की उम्र में ही मशहूर पंजाबी शायर शिव कुमार बटालवी को 1965 में सर्वश्रेष्ठ साहित्य अकादमी अवार्ड से नवाजा गया था। पंजाबी साहित्य की यह बेहतरीन रचना अब रंगमंच पर देखने को मिलेगी, जिसमें लीड रोल में अभिनेता कुलदीप शर्मा, विकास शर्मा और एक्ट्रेस मृदुला महाजन होंगी।
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दो घंटे के इस नाटक का सेट सबसे महंगा और खास
लूणां के पति सलवान का किरदार निभा रहे कुलदीप शर्मा ने बताया कि यह उनके ग्रुप का पहला प्रोडक्शन है, जिसका निर्देशन वे खुद कर रहे हैं और सह निर्देशक हीरा सिंह होंगे। नाटक की कहानी की तरह इसका सेट भी बेहतरीन होगा, यह सेट महल के रूप का होगा।
इस महल से ही राजा सलवान, उनकी पत्नी लूणां व सौतेले बेटे पूरन की जिंदगी की अनसुने किस्से सुनाए जाएंगे। नाटक को बेहतरीन लुक देने के लिए इसके सेट पर भी काफी पैसा खर्च किया जा रहा है। करीब 40 से 50 हजार राशि से इस सेट को 20 फुट लंबा बनाया गया है, जिसमें सीढ़ियों से लेकर बैंकग्राउंड में महल के आलीशान बगीचे भी दिखाने की कोशिश की जाएगी।
दस गीतों से बयां होगी यह प्रेम और त्याग की कहानी
निदेशक कुलदीप शर्मा ने बताया कि इस नाटक की खासियत इसके गीत भी होंगे, जो लाइव होंगे। नाटक के सीन के अनुसार एक कोने मेें बैठे म्यूजिशियन का ग्रुप लाइव गीत गाएगा। नाटक में दस गीत होंगे, जिसमें गायक आर हीर, जगीर सिंह, आर प्रीत कौर, गगनदीप सिंह, मननिंदर सिंह, रजत राय और राजेश शामिल हैं। नाटक के म्यूजिक डायरेक्टर अतुल शर्मा, कोरियोग्राफर डॉ. समीरा कोशर, कॉस्टूम डिजाइनर करण गुलजार, मेकअप जस्सी, लाइट्स पर अभिषेक शर्मा और सेट डिजाइनर दीपक सिंह होंगे। यह नाटक दर्शकों के लिए निशुल्क होगा।
पिछले तीन महीने से हो रही है रिहर्सल
मशहूर पंजाबी शायर शिव कुमार बटालवी की इस बेहतरीन रचना को रंगमंच पर पेश करने के लिए अजनबी रंगकर्मी ग्रुप की ओर से पिछले तीन महीने से रिहर्सल में पसीना बहाया जा रहा है।
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मैं पूरन दी मां, पूरन दे हाण दी...अपने हमउम्र सौतेले बेटे से प्यार करने वाली लूणां के इन सवालों से घिरी उसकी अनसुनी प्रेम कहानी के गवाह अब सिटी के रंगमंच के शौकीन दर्शक भी होंगे। जहां प्यार, त्याग और उसके चरित्र पर दाग लगाने वाले समाज के लोग शायद यह सोचने को मजबूर हो जाएंगे कि क्या एक औरत को मोहब्बत करने का हक नहीं है या उसे अपना हमउम्र प्यार पाने के लिए समाज की इजाजत लेनी जरूरी है।
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प्रेम, त्याग और भावनात्मक संवेदनाओं से पिरोया मशहूर पंजाबी शायर व कवि शिव कुमार बटालवी का यह महाकाव्य नाटक लूणां छह जनवरी को अजनबी रंगकर्मी की ओर से टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में मंचित होगा। लूणां के लिए 28 साल की उम्र में ही मशहूर पंजाबी शायर शिव कुमार बटालवी को 1965 में सर्वश्रेष्ठ साहित्य अकादमी अवार्ड से नवाजा गया था। पंजाबी साहित्य की यह बेहतरीन रचना अब रंगमंच पर देखने को मिलेगी, जिसमें लीड रोल में अभिनेता कुलदीप शर्मा, विकास शर्मा और एक्ट्रेस मृदुला महाजन होंगी।
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दो घंटे के इस नाटक का सेट सबसे महंगा और खास
लूणां के पति सलवान का किरदार निभा रहे कुलदीप शर्मा ने बताया कि यह उनके ग्रुप का पहला प्रोडक्शन है, जिसका निर्देशन वे खुद कर रहे हैं और सह निर्देशक हीरा सिंह होंगे। नाटक की कहानी की तरह इसका सेट भी बेहतरीन होगा, यह सेट महल के रूप का होगा।
इस महल से ही राजा सलवान, उनकी पत्नी लूणां व सौतेले बेटे पूरन की जिंदगी की अनसुने किस्से सुनाए जाएंगे। नाटक को बेहतरीन लुक देने के लिए इसके सेट पर भी काफी पैसा खर्च किया जा रहा है। करीब 40 से 50 हजार राशि से इस सेट को 20 फुट लंबा बनाया गया है, जिसमें सीढ़ियों से लेकर बैंकग्राउंड में महल के आलीशान बगीचे भी दिखाने की कोशिश की जाएगी।
दस गीतों से बयां होगी यह प्रेम और त्याग की कहानी
निदेशक कुलदीप शर्मा ने बताया कि इस नाटक की खासियत इसके गीत भी होंगे, जो लाइव होंगे। नाटक के सीन के अनुसार एक कोने मेें बैठे म्यूजिशियन का ग्रुप लाइव गीत गाएगा। नाटक में दस गीत होंगे, जिसमें गायक आर हीर, जगीर सिंह, आर प्रीत कौर, गगनदीप सिंह, मननिंदर सिंह, रजत राय और राजेश शामिल हैं। नाटक के म्यूजिक डायरेक्टर अतुल शर्मा, कोरियोग्राफर डॉ. समीरा कोशर, कॉस्टूम डिजाइनर करण गुलजार, मेकअप जस्सी, लाइट्स पर अभिषेक शर्मा और सेट डिजाइनर दीपक सिंह होंगे। यह नाटक दर्शकों के लिए निशुल्क होगा।
पिछले तीन महीने से हो रही है रिहर्सल
मशहूर पंजाबी शायर शिव कुमार बटालवी की इस बेहतरीन रचना को रंगमंच पर पेश करने के लिए अजनबी रंगकर्मी ग्रुप की ओर से पिछले तीन महीने से रिहर्सल में पसीना बहाया जा रहा है।